India's 1 Trillion Dollar Export Goal : भारत को वैश्विक व्यापारिक शक्ति बनाने की दिशा में नीति आयोग ने बुधवार को एक निर्णायक कदम उठाते हुए 'निर्यात तैयारी सूचकांक' (EPI) 2024 की विस्तृत रिपोर्ट जारी कर दी है। यह रिपोर्ट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि 'विकसित भारत 2047' के विजन को धरातल पर उतारने का एक ब्लूप्रिंट है। 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को साधने के लिए तैयार की गई इस रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अब भारत की आर्थिक प्रगति की चाबी राज्यों और उनके जिलों की व्यापारिक दक्षता में छिपी है।

बड़े राज्यों का दबदबा: महाराष्ट्र और तमिलनाडु ने मारी बाजी

नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बड़े राज्यों की श्रेणी में तटीय राज्यों ने अपनी भौगोलिक स्थिति और बुनियादी ढांचे का भरपूर लाभ उठाया है। रिपोर्ट में राज्यों के प्रदर्शन को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

  • शीर्ष प्रदर्शनकर्ता: बड़े राज्यों में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश 'लीडर' के रूप में उभरे हैं।
  • लैंडलॉक और छोटे राज्य: हरियाणा और तेलंगाना ने अपनी ठोस नीतियों के दम पर चुनौती पेश की है।
  • जिलों पर फोकस: रिपोर्ट में पहली बार जिलों को निर्यात की बुनियादी इकाई माना गया है, जहां स्थानीय उत्पादन केंद्रों और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

नीतिगत ढांचा और नए मानक :

रिपोर्ट जारी करते समय नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने रेखांकित किया कि निर्यात की सफलता केवल केंद्र की नीतियों पर नहीं, बल्कि राज्यों द्वारा लागत कम करने और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएं प्रदान करने पर टिकी है। इस वर्ष के सूचकांक को और अधिक व्यापक बनाने के लिए कई नए मानकों को जोड़ा गया है:

  • चार स्तंभ: रिपोर्ट नीति, व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र, निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र और निर्यात प्रदर्शन जैसे मुख्य स्तंभों पर आधारित है।
  • नए संकेतक: इस बार अर्थव्यवस्था की स्थिरता, वित्तीय सुविधाएं, कौशल क्षमता और छोटे उद्योगों (MSMEs) की स्थिति जैसे 70 संकेतकों को शामिल किया गया है।
  • प्रतिस्पर्धा: लागत की प्रतिस्पर्धा और कौशल विकास के आधार पर राज्यों को रैंकिंग दी गई है।

आंकड़ों की पारदर्शिता और सरकारी सहयोग :

नीति आयोग के सदस्य अरविंद विरमानी ने स्पष्ट किया कि यह सूचकांक पूरी तरह से प्रमाणित आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के डेटा को समान महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य राज्यों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करना है, ताकि वे अपनी कमजोरियों को दूर कर सकें और नए वैश्विक अवसरों का लाभ उठा सकें।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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