East India Company India : ईस्ट इंडिया कंपनी, जिसने कभी भारत में अंग्रेजों की सत्ता का रास्ता तैयार किया और करीब 200 साल तक देश पर अपनी पकड़ बनाई, अब एक भारतीय उद्यमी संजीव मेहता के हाथों में है। 31 दिसंबर 1600 को इंग्लैंड में स्थापित इस कंपनी का मूल उद्देश्य भारत से मसाले, चाय और अनोखे उत्पाद यूरोप में इम्पोर्ट करना था। 1608 में विलियम हॉकिन्स के भारत आने के साथ ही अंग्रेजी वाणिज्यिक गतिविधियों की शुरुआत हुई। 1613 में मुगल बादशाह जहांगीर ने सूरत में कंपनी के व्यापारिक कारखाने की अनुमति दी, और 1690 तक कलकत्ता (अब कोलकाता) में भी कंपनी की फैक्ट्री स्थापित हो गई।

धीरे-धीरे ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में राजनीति में हस्तक्षेप करना शुरू किया। भारतीय शासकों के बीच फूट डालकर उसने अपनी शक्ति बढ़ाई, जिससे अंग्रेजों का प्रभुत्व मजबूत हुआ। हालांकि, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम ने कंपनी की सत्ता को हिला दिया और उसके व्यापारिक प्रभाव में कमी आई। अंततः 1874 में यह कंपनी बंद कर दी गई।

लेकिन 2005 में इतिहास ने एक नया मोड़ लिया। संजीव मेहता, जिनका जन्म अक्टूबर 1961 में गुजराती जैन परिवार में हुआ, ने 400 साल पुरानी अंग्रेजी कंपनी को भारतीय हाथों में लाने का काम किया। परिवार की व्यापारिक सूझबूझ और विदेश में शिक्षा के बाद, मेहता ने 20 मिनट में कंपनी के 21 प्रतिशत शेयर खरीदकर इसकी बागडोर अपने हाथ में ले ली। उन्होंने ब्रिटिश लाइब्रेरी और विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में इसके इतिहास का अध्ययन किया और इसे केवल एक व्यापारिक ब्रांड नहीं बल्कि इतिहास का संरक्षक मानते हैं।

यह घटना न केवल भारत के उद्यमियों की महत्वाकांक्षा का प्रतीक है, बल्कि यह इतिहास और वर्तमान का एक अद्वितीय संगम भी प्रस्तुत करती है। जिस कंपनी ने कभी भारत में विदेशी प्रभुत्व स्थापित किया, अब उसी की बागडोर एक भारतीय के पास है, जो इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित कर रहा है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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