जाने क्या है mother of all deals ? इसमें जुड़ेंगे २ अरब लोग
भारत और यूरोपीय संघ के बीच 2026 में संपन्न ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ मुक्त व्यापार समझौता 2 अरब लोगों के बाजार और 25% वैश्विक GDP को जोड़ता है। यह FTA अमेरिका की टैरिफ नीतियों के बीच भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता, मेक इन इंडिया और वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में निर्णायक कदम है।

India strategy amid US tariffs EU deal : भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 2026 की शुरुआत में संपन्न हुआ व्यापक मुक्त व्यापार समझौता (FTA)—जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है—वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक निर्णायक मोड़ के रूप में उभरा है। वर्षों की बातचीत के बाद अंतिम रूप लेता यह समझौता न केवल भारत और यूरोप के आर्थिक रिश्तों को नई ऊँचाई देता है, बल्कि 2 अरब से अधिक आबादी वाले बाजार को जोड़ते हुए विश्व GDP के करीब 25% को एक साझा ढांचे में समेटता है।
इस डील के साथ भारत ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में अपनी रणनीतिक आत्मनिर्भरता और बहुपक्षीय साझेदारियों की प्राथमिकता को स्पष्ट किया है—खासतौर पर ऐसे समय में, जब अमेरिका की कड़ी टैरिफ नीतियों ने वैश्विक व्यापार को नई दिशाओं में मोड़ा है।
क्या है ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ :
यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक समग्र आर्थिक साझेदारी है, जिसमें वस्तुओं, सेवाओं, निवेश, तकनीक हस्तांतरण और सप्लाई-चेन सहयोग जैसे क्षेत्रों को एकीकृत किया गया है। 2026 में अंतिम रूप लेते इस FTA का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को सरल, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाना है।
क्यों कहा जा रहा है ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’
यह समझौता दुनिया के दो बड़े बाजारों—भारत और EU—को जोड़ता है।
कुल मिलाकर 2 बिलियन से अधिक आबादी और 25% वैश्विक GDP पर प्रभाव।
व्यापार, निवेश और तकनीक सहयोग का अभूतपूर्व दायरा।
अमेरिका की टैरिफ नीति के बीच रणनीतिक कदम :
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की संरक्षणवादी टैरिफ नीतियों के दौर में यह समझौता भारत के लिए रणनीतिक विविधीकरण का संकेत है। इससे भारत की किसी एक बाजार पर निर्भरता घटती है और वैश्विक सप्लाई-चेन में उसकी सौदेबाजी की क्षमता मजबूत होती है।
- व्यापार, निवेश और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़त
- वर्तमान में 135 अरब डॉलर से अधिक के भारत–EU व्यापार के आधार पर यह डील:
- यूरोपीय उन्नत तकनीक और निवेश तक बेहतर पहुँच देती है।
- मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को गति देती है।
- भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र (Global Manufacturing Hub) के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस आधार प्रदान करती है।
वैश्विक संदर्भ और कनाडा का संकेत :
यह समझौता ऐसे समय में सामने आया है, जब संरक्षणवाद के बीच कनाडा सहित कई देश भारत के साथ आर्थिक रिश्ते सुदृढ़ कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति भारत की बढ़ती विश्वसनीयता और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी के प्रति वैश्विक भरोसे को रेखांकित करती है।‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ केवल एक व्यापार समझौता नहीं, बल्कि भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति का स्तंभ है। यह FTA निवेश, रोजगार, तकनीक और निर्यात को नई दिशा देते हुए भारत को विकसित राष्ट्र बनने की राह पर एक बड़ी छलांग प्रदान करता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
