वेदांता आयरन एंड स्टील का धमाका! 11 दिन लगातार अपर सर्किट, लिस्टिंग के बाद शेयर 70% उछला|
लिस्टिंग के बाद से वेदांता आयरन एंड स्टील के शेयरों में 70% की तेजी आई है। लगातार 11वें दिन स्टॉक 10% के अपर सर्किट पर पहुंच गया है।

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल।
अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप की नई लिस्टेड इकाई, वेदांता आयरन एंड स्टील के शेयरों में अभूतपूर्व तेजी का सिलसिला जारी है। कंपनी के शेयर बाजार में लगातार 11वें कारोबारी सत्र में अपर सर्किट पर बंद हुए हैं। 15 जून, 2026 को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद से ही इस स्टॉक ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। मंगलवार के कारोबारी सत्र में भी शेयर खुलते ही 10 प्रतिशत के अपर सर्किट पर पहुंच गया, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
कंपनी की सूचीबद्धता ₹20 प्रति शेयर के भाव पर हुई थी और आज इसका मूल्य ₹35.65 तक पहुंच चुका है। पिछले 11 सत्रों के दौरान स्टॉक की कीमतों में 70 प्रतिशत की भारी उछाल देखी गई है। इस तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹7,821 करोड़ से बढ़कर ₹13,941 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। हाल ही में वेदांता ग्रुप की कंपनियों के लिए सर्किट फिल्टर में बदलाव किया गया है, जिसके तहत वेदांता आयरन एंड स्टील के लिए अपर सर्किट की सीमा को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
शेयरों में आ रही इस तेजी के पीछे मजबूत संस्थागत खरीदारी और वेदांता ग्रुप के डीमर्जर के प्रति बाजार का सकारात्मक दृष्टिकोण मुख्य कारण माना जा रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि स्टील व्यवसाय के अलग होने से वैल्यू अनलॉकिंग की संभावना है, जिससे निवेशकों का आकर्षण बढ़ा है। लिस्टिंग के तुरंत बाद प्रेमजी इन्वेस्ट की इकाई पीआई अपॉर्चुनिटीज एआईएफ वी एलएलपी द्वारा ₹102 करोड़ का निवेश किए जाने से भी बाजार में निवेशकों का भरोसा काफी मजबूत हुआ है।
कंपनी की भविष्य की रणनीतियां काफी महत्वाकांक्षी हैं। वेदांता आयरन एंड स्टील का लक्ष्य अपने आयरन ओर रिजर्व और परिचालन एकीकरण का लाभ उठाते हुए एक प्रमुख रिसोर्स-बेस्ड इंटीग्रेटेड स्टील प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित होना है। कंपनी का व्यवसाय भारत और अफ्रीका में फैला हुआ है, जिसमें आयरन ओर की खोज, माइनिंग और प्रोसेसिंग से लेकर स्टील, वायर रॉड, टीएमटी बार, पिग आयरन, डक्टाइल आयरन पाइप और सीमेंट जैसे उत्पादों का व्यापक पोर्टफोलियो शामिल है।
लगातार अपर सर्किट में बने रहना कंपनी की मजबूत बाजार स्थिति और भविष्य के विकास की संभावनाओं को रेखांकित करता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि डीमर्जर के बाद बनी यह कंपनी आने वाले समय में स्टील उद्योग में किस प्रकार की गतिशीलता प्रदर्शित करती है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें कंपनी के अगले प्रदर्शन और बाजार की चाल पर टिकी हुई हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
