भारत के मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में एक ऐतिहासिक बदलाव के तहत दिग्गज कंपनी वेदांता ने अपने बहुप्रतीक्षित डीमर्जर की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस बड़े कॉर्पोरेट रीऑर्गनाइजेशन के बाद अब निवेशकों की नजरें उन चार नई कंपनियों पर टिकी हैं जो जल्द ही शेयर बाजार के पटल पर अपनी स्वतंत्र पहचान बनाएंगी। डीमर्जर के प्रभावी होते ही वेदांता के शेयर की कीमतों में व्यापक फेरबदल देखा गया है, जो अब इन नई संस्थाओं की वैल्यू को शामिल किए बिना ट्रेड कर रहा है। यह कदम न केवल कंपनी के परिचालन ढांचे को सुव्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है, बल्कि इसका उद्देश्य शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉकिंग को अधिकतम करना भी है।

वेदांता की घोषणा के अनुसार, डीमर्जर के तहत चार नई कंपनियां अस्तित्व में आई हैं जिनमें वेदांता एल्युमिनियम मेटल, वेदांता पावर (पूर्व में तलवंडी साबो पावर), वेदांता ऑयल एंड गैस (पूर्व में माल्को एनर्जी) और वेदांता आयरन एंड स्टील शामिल हैं। प्रत्येक पात्र शेयरधारक को मूल कंपनी के एक शेयर के बदले इन चारों नई कंपनियों का एक-एक शेयर आवंटित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए रिकॉर्ड डेट 1 मई निर्धारित की गई थी, लेकिन सार्वजनिक अवकाश के कारण इसका प्रभाव बाजार में 30 अप्रैल को ही स्पष्ट हो गया। इसी तकनीकी एडजस्टमेंट के कारण वेदांता के शेयरों में एक ही कारोबारी सत्र के दौरान 63 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो दरअसल डीमर्जर के बाद शेयर की कीमत के पुनर्समायोजन का हिस्सा थी।

निवेशकों के मन में सबसे बड़ा प्रश्न इन नई कंपनियों की स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की समयसीमा को लेकर है। वेदांता रिसोर्सेज की सीईओ देश्नी नायडू ने हालिया निवेशक कॉल में संकेत दिया है कि कंपनी जल्द ही लिस्टिंग अप्रूवल के लिए आवेदन करने वाली है। बाजार विशेषज्ञों और कंपनी के आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, इन चार नई कंपनियों के शेयरों की लिस्टिंग जून के मध्य तक एनएसई और बीएसई पर होने की प्रबल संभावना है। हालांकि, लिस्टिंग की सटीक तारीख नियामक और परिचालन प्रक्रियाओं की गति पर निर्भर करेगी, लेकिन निवेशकों के लिए यह राहत की खबर है कि उन्हें जल्द ही अपने आवंटित शेयरों में ट्रेडिंग करने का अवसर प्राप्त होगा।

ब्रोकरेज हाउसों ने भी इस डीमर्जर के बाद नई कंपनियों के संभावित प्रदर्शन को लेकर अपने आकलन प्रस्तुत किए हैं। नुवामा इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न व्यवसायों के लिए अलग-अलग टारगेट प्राइस आंके गए हैं। अनुमान के मुताबिक, एल्युमिनियम बिजनेस की वैल्यू 477 रुपये प्रति शेयर, जबकि जिंक और कॉपर बिजनेस की वैल्यू 336 रुपये प्रति शेयर रहने की उम्मीद है। इसी तरह ऑयल और गैस तथा पावर बिजनेस के लिए 47 रुपये प्रति शेयर और आयरन एंड स्टील के लिए 30 रुपये प्रति शेयर की अनुमानित वैल्यू तय की गई है। यह डीमर्जर न केवल वेदांता के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय माइनिंग क्षेत्र में निवेश के नए प्रतिमान भी स्थापित कर सकता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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