जुलाई में आईपीओ की बहार: SBI, Zepto और मनिपाल हेल्थ समेत ये दिग्गज कंपनियां जुटाएंगी 45,000 करोड़ रुपये का फंड!
जुलाई में 12 से ज्यादा कंपनियों के आईपीओ आने की उम्मीद है। एसबीआई और जेप्टो जैसी कंपनियां बाजार से 45,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं।

भारतीय शेयर बाजार में जुलाई के दौरान आने वाले आईपीओ की बढ़ती गतिविधियों को दर्शाती एक प्रतीकात्मक तस्वीर।
भारतीय शेयर बाजार में जुलाई के महीने से आईपीओ (IPO) की बहार लौटने वाली है। पिछले कुछ महीनों की सुस्ती को पीछे छोड़ते हुए अब प्राइमरी मार्केट फिर से रफ्तार पकड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगले महीने एक दर्जन से ज्यादा कंपनियां शेयर बाजार में दस्तक देने की तैयारी कर रही हैं, जिनका सामूहिक लक्ष्य बाजार से करीब 45,000 करोड़ रुपये जुटाना है। इन्वेस्टमेंट बैंकर्स के अनुसार, अलग-अलग सेक्टर की ये कंपनियां बाजार की मौजूदा मजबूती और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को देखते हुए अपनी लिस्टिंग की योजनाएं तेज कर रही हैं।
जुलाई में आने वाले संभावित आईपीओ में सबसे बड़ी हिस्सेदारी एसबीआई (SBI) फंड्स मैनेजमेंट की मानी जा रही है, जो अकेले 12,000 से 13,000 करोड़ रुपये का आईपीओ ला सकती है। इसके अलावा मनिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का करीब 11,000 करोड़ रुपये और जेप्टो (Zepto) का लगभग 8,000 करोड़ रुपये का आईपीओ आने की प्रबल संभावना है। इन प्रमुख कंपनियों के साथ ही गजा कैपिटल, नैक पैकेजिंग और इनोवेटिव व्यू जैसी अन्य कंपनियां भी अपनी लिस्टिंग पाइपलाइन में हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ समय से छाई सुस्ती अब खत्म हो रही है। जेएम फाइनेंशियल की एमडी और सीईओ (इन्वेस्टमेंट बैंकिंग) सोनिया दासगुप्ता के मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितताओं के कम होने और भारतीय निवेशकों का बाजार के प्रति निरंतर विश्वास बने रहने से लिस्टिंग गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। साल 2025 की दूसरी छमाही में वैश्विक तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों की सुस्ती के चलते आईपीओ की गति धीमी रही थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।
नियामक स्तर पर भी गतिविधियां काफी सक्रिय हैं। सेबी के आंकड़ों के अनुसार, 19 जून तक करीब 173 कंपनियों को 2.7 लाख करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी मिल चुकी है। इसके अतिरिक्त 64 अन्य कंपनियां भी सेबी की हरी झंडी का इंतजार कर रही हैं, जिनमें एनएसई (NSE) और जियो प्लेटफॉर्म्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं। बाजार में रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भी इन कंपनियों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि निवेशक अब केवल उन्हीं कंपनियों को तरजीह दे रहे हैं जिनकी बुनियादी नींव मजबूत है और जिनका बिजनेस मॉडल दीर्घकालिक स्थिरता और विकास का वादा करता है। पश्चिम एशिया में तनाव घटने की संभावनाओं के साथ वैश्विक बाजार में आ रही स्थिरता भारतीय आईपीओ बाजार के लिए एक नया अवसर बनकर उभरी है। जुलाई की यह हलचल न केवल कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने का माध्यम बनेगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी निवेश के नए द्वार खोलेगी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
