Nirmala Sitharaman : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में Union Budget 2026-27 पेश करते हुए एक नया इतिहास रच दिया। वह देश की पहली वित्त मंत्री बन गई हैं, जिन्होंने लगातार नौवीं बार पूर्णकालिक केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया। यह अवसर इसलिए भी खास रहा क्योंकि बजट ऐसे समय में आया है, जब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बजट की प्रति सौंपने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद, वित्त मंत्री सुबह 11 बजे संसद में बजट भाषण देने के लिए खड़ी हुईं। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत संत रविदास के विचारों से करते हुए सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

आर्थिक स्थिरता और विकास का रोडमैप :

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक कर्तव्य तेज आर्थिक विकास को बनाए रखना और वैश्विक उथल-पुथल के बीच देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखना है। उन्होंने बताया कि सरकार बीते 12 वर्षों से निवेश बढ़ाने, मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने और रोजगार सृजन पर लगातार काम कर रही है।

सरकार ने वित्त वर्ष 2026 में राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा है, जो वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

MSME, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी पर विशेष जोर

बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए 10 हजार करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान की घोषणा की गई। इसके अलावा,

सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का आवंटन,

बायोफार्मा क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये और तीन नए संस्थानों की स्थापना,

ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर की घोषणा की गई।

सरकार का कहना है कि ये कदम भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब बनाने में मदद करेंगे।

आम जनता को राहत: दवाएं सस्ती, स्वास्थ्य पर फोकस

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि कैंसर और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती की जाएंगी। इससे देश के लाखों मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है।

शेयर बाजार और राज्यों की उम्मीदें

रविवार को बजट पेश होने के बावजूद शेयर बाजार खुले रहे। NSE ने स्पष्ट किया कि यह दिन सेटलमेंट हॉलिडे रहेगा। वहीं, उत्तराखंड और बिहार जैसे राज्यों ने बजट से विशेष विकास परियोजनाओं की उम्मीद जताई है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और महत्व

जहां सरकार ने इसे ‘उम्मीद और विकास का बजट’ बताया, वहीं विपक्षी दलों ने बजट को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दीं। इसके बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story