Union Bank of India आज भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में गिना जाता है, जिसने अपने व्यापक नेटवर्क, विविध वित्तीय सेवाओं और मजबूत ग्राहक आधार के जरिए देश की बैंकिंग व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। मुंबई मुख्यालय वाला यह बैंक न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। करीब 9,300 शाखाओं, 10,000 से अधिक एटीएम और 23,000 से ज्यादा बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट पॉइंट्स के साथ यह बैंक करोड़ों ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रहा है, जबकि इसके 76,000 से अधिक कर्मचारी इसकी संचालन क्षमता को मजबूती देते हैं।

इस प्रतिष्ठित बैंक की शुरुआत 11 नवंबर 1919 को मुंबई में उद्योगपति Seth Sitaram Poddar द्वारा की गई थी। उस समय इसकी नींव ऐसे दौर में रखी गई, जब भारत में संगठित बैंकिंग प्रणाली आकार ले रही थी। खास बात यह रही कि बैंक के कॉर्पोरेट कार्यालय का उद्घाटन स्वयं Mahatma Gandhi ने किया था, जिसने इसकी विश्वसनीयता को शुरुआती दौर से ही एक विशेष पहचान दी। स्वतंत्रता के समय 1947 में इसकी केवल चार शाखाएं थीं, लेकिन धीरे-धीरे इसने अपने विस्तार की मजबूत नींव तैयार की।

1969 में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीयकरण के बाद यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने तेज़ी से विकास की दिशा में कदम बढ़ाए। उस समय तक इसकी 240 शाखाएं हो चुकी थीं, जो इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती थीं। इसके बाद बैंक ने रणनीतिक अधिग्रहणों के जरिए अपने नेटवर्क को और मजबूत किया, जिसमें 1975 में बेलगाम बैंक, 1985 में मिराज स्टेट बैंक और 1999 में सिक्किम बैंक का विलय शामिल है। इन फैसलों ने बैंक की पहुंच को नए क्षेत्रों तक विस्तारित किया और इसे एक मजबूत सार्वजनिक बैंक के रूप में स्थापित किया।

समय के साथ बैंक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार किया। 2007 के बाद इसने अबू धाबी और शंघाई में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 2008 में हांगकांग और 2009 में सिडनी में प्रतिनिधि कार्यालय खोलकर वैश्विक बैंकिंग में अपनी पहचान बनाई। यूनाइटेड किंगडम में इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के माध्यम से यह विदेशी बाजारों में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, जो इसकी वैश्विक रणनीति को दर्शाता है।

हाल के वर्षों में बैंक की सबसे बड़ी उपलब्धि 1 अप्रैल 2020 को Andhra Bank और Corporation Bank के साथ हुए विलय के रूप में सामने आई। इस ऐतिहासिक कदम के बाद यूनियन बैंक ऑफ इंडिया देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शामिल हो गया। इस विलय ने न केवल इसकी शाखाओं और ग्राहकों की संख्या को बढ़ाया, बल्कि इसकी परिसंपत्तियों को भी नई ऊंचाई तक पहुंचाया, जिससे यह बैंकिंग क्षेत्र में और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सका।

आज यूनियन बैंक ऑफ इंडिया अपनी सहायक कंपनियों और सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से बैंकिंग के साथ-साथ बीमा, एसेट मैनेजमेंट और ग्रामीण बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में भी सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसकी यह बहुआयामी उपस्थिति और एक सदी से अधिक पुरानी विरासत इसे न केवल एक बैंक, बल्कि भरोसे और स्थिरता का प्रतीक बनाती है, जिसने समय के साथ खुद को बदलते आर्थिक परिदृश्य के अनुरूप ढालते हुए अपनी पहचान और विश्वसनीयता को मजबूत किया है।

Pratahkal Bureau

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