Kumar Mangalam Birla की बड़ी चाल से Wire-Cable Stocks में भूचाल, Polycab और KEI 9% तक टूटे|
आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट द्वारा 1,800 करोड़ रुपये के निवेश से वायर और केबल सेक्टर में 'Ultravolt' के साथ उतरने की घोषणा के बाद Polycab और KEI Industries के शेयरों में 9 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

कुमार मंगलम बिड़ला और केबल कंपनियों के शेयर की यह तस्वीर भारतीय शेयर बाजार की स्थिति को दर्शाती है।
कुमार मंगलम बिड़ला की अगुवाई वाले आदित्य बिड़ला ग्रुप ने वायर और केबल्स कारोबार में बड़ा कदम उठाया है। ग्रुप की कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने Ultravolt नाम से इस नए बिजनेस को शुरू करने की घोषणा की है। कंपनी इस कारोबार में करीब 1,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस ऐलान के बाद शेयर बाजार में वायर और केबल्स कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला और कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में 9 फीसदी तक की गिरावट आई।
अल्ट्राटेक सीमेंट की इस घोषणा का सबसे ज्यादा असर KEI Industries और Polycab के शेयरों पर दिखाई दिया। NSE पर KEI Industries का शेयर करीब 9 फीसदी गिरकर 4,848.50 रुपये पर आ गया। वहीं Polycab का शेयर करीब 6 फीसदी गिरकर 8,300 रुपये प्रति शेयर के आसपास पहुंच गया। इसके उलट अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर में तेजी देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र में BSE पर अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 11,223.45 रुपये पर बंद हुआ था, जो बढ़कर 11,438.80 रुपये तक पहुंच गया।
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने वायर और केबल्स कारोबार को भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, वायर और केबल्स देश में तेजी से बढ़ रहे शहरीकरण, विद्युतीकरण और डिजिटलीकरण से जुड़े हुए हैं। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र की मांग महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
Ultravolt के जरिए अल्ट्राटेक सीमेंट ने वायर और केबल्स बाजार में बड़ी मौजूदगी बनाने की योजना रखी है। कंपनी के अनुसार, उसकी योजना एक लाख से ज्यादा रिटेलर्स तक पहुंचने की है। इसके अलावा 5,000 से ज्यादा UltraTech Building Solutions यानी UBS आउटलेट्स के जरिए भी उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया जाएगा। शुरुआती स्तर पर कंपनी 500 से ज्यादा जिलों और करीब 6,000 पिन कोड्स को कवर करने की योजना बना रही है। कंपनी के पास 20 से ज्यादा वेयरहाउस का नेटवर्क भी बताया गया है।
आदित्य बिड़ला ग्रुप के लिए यह पिछले तीन वर्षों में शुरू किया गया चौथा नया बिजनेस है। ग्रुप ने Ultravolt को क्षमता के लिहाज से वायर सेगमेंट की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य बताया है। इस घोषणा ने बाजार में पहले से मौजूद वायर और केबल कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा को लेकर निवेशकों का ध्यान खींचा है।
ब्रोकरेज फर्मों ने भी अल्ट्राटेक के इस कदम को लेकर अपनी राय दी है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार, अल्ट्राटेक की आक्रामक एंट्री से मौजूदा वायर और केबल कंपनियों पर निकट अवधि में दबाव पड़ सकता है। बाजार में इस आशंका का असर कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट के रूप में दिखाई दिया।
वहीं जेफरीज ने अनुमान जताया है कि इस नए कारोबार से वित्त वर्ष 2030 तक अल्ट्राटेक सीमेंट के रेवेन्यू और EBITDA में करीब 3 से 7 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। जेफरीज ने अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए 14,065 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मोतीलाल ओसवाल ने भी अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर पर 'Buy' की सलाह दी है और 13,800 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।
इस तरह 1,800 करोड़ रुपये के निवेश के साथ Ultravolt की एंट्री ने वायर और केबल्स सेक्टर में हलचल बढ़ा दी है। अल्ट्राटेक की बड़ी वितरण क्षमता और ग्रुप के संसाधनों को देखते हुए बाजार इस नए कारोबार पर नजर बनाए हुए है। दूसरी ओर, Polycab और KEI Industries जैसी मौजूदा कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट से साफ है कि निवेशकों ने इस नई प्रतिस्पर्धा को गंभीरता से लिया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
