Turtlemint Fintech IPO दूसरे दिन 49% सब्सक्राइब; जानें GMP का क्या है हाल
फिनटेक कंपनी के 883 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू को संस्थागत खरीदारों से 73% सब्सक्रिप्शन मिला है, जबकि रिटेल कोटा 49% बुक हुआ है।

शेयर बाजार के ग्राफ के सामने लकड़ी के ब्लॉकों पर लिखे आईपीओ शब्द का एक प्रतीकात्मक चित्र, जिसका उपयोग टर्टलमिन्ट फिनटेक सॉल्यूशंस के सार्वजनिक निर्गम के संदर्भ में किया गया है।
Turtlemint Fintech IPO subscription day 2 : भारतीय प्राथमिक बाजार (Primary Market) में फिनटेक सेक्टर की हलचल के बीच टर्टलमिन्ट फिनटेक सॉल्यूशंस का आईपीओ अपनी यात्रा के एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुका है। सोमवार को बोली लगाने के दूसरे दिन दोपहर तक इस सार्वजनिक निर्गम को निवेशकों की तरफ से मिला-जुला प्रतिक्रियात्मक समर्थन मिला है, जिसने बाजार विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दोपहर साढ़े बारह बजे तक इस आईपीओ को कुल 49 प्रतिशत सदस्यता प्राप्त हो चुकी है। बाजार में चल रही उतार-चढ़ाव की लहरों के बीच निवेशक फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं, जिससे इस निर्गम की रफ्तार में एक सधी हुई निरंतरता देखने को मिल रही है। एंकर निवेशकों से पहले ही एक बड़ी रकम जुटाने के बाद अब आम और संस्थागत निवेशकों की बोलियों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
इस सार्वजनिक निर्गम के तहत पेश किए गए कुल 3.29 करोड़ शेयरों के मुकाबले दोपहर तक एक्सचेंज के पास 1.61 करोड़ शेयरों के लिए वैध बोलियां दर्ज की जा चुकी हैं। अगर अलग-अलग श्रेणियों की बात करें, तो बड़े संस्थागत खरीदारों यानी क्वालीफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा सबसे आगे चल रहा है, जिसे अब तक 73 प्रतिशत सब्सक्राइब किया गया है। वहीं, बाजार की रीढ़ माने जाने वाले खुदरा निवेशकों यानी रिटेल इनवेस्टर्स के लिए आरक्षित हिस्से में 49 प्रतिशत की बुकिंग दर्ज हुई है। इसके विपरीत, गैर-संस्थागत निवेशकों यानी एनआईआई श्रेणी में अभी भी सुस्ती का माहौल है और वहां महज 3 प्रतिशत ही आवेदन आए हैं। इस सुस्त शुरुआत के बावजूद बाजार को उम्मीद है कि अंतिम दिन इसमें तेजी आ सकती है, क्योंकि अक्सर बड़े निवेशक आखिरी वक्त में अपनी रणनीतिक चाल चलते हैं।
इस आईपीओ के वित्तीय और कूटनीतिक पहलुओं को देखें तो कंपनी ने पब्लिक इश्यू खोलने से पहले ही रणनीतिक एंकर निवेशकों के जरिए बाजार से 397.20 करोड़ रुपये का एक बड़ा फंड सुरक्षित कर लिया था। इस मजबूत आधार के साथ कंपनी ने 883 करोड़ रुपये के कुल आईपीओ आकार के लिए 144 रुपये से 152 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। मूल्य बैंड की ऊपरी सीमा के आधार पर कंपनी का कुल बाजार मूल्यांकन 4,500 करोड़ रुपये के पार आंका गया है। वहीं, अगर ग्रे मार्केट एक्टिविटी यानी जीएमपी की बात करें, तो अनऑफिशियल मार्केट में कंपनी के शेयरों को लेकर काफी शांति का माहौल है। प्रमुख प्लेटफॉर्म इनवेस्टरगेन ने इसके शेयरों के लिए मात्र पचास पैसे का प्रीमियम दर्शाया है, जो करीब 0.33 प्रतिशत की मामूली लिस्टिंग बढ़त का संकेत है, जबकि आईपीओ वॉच पर यह आंकड़ा 1.32 प्रतिशत के आसपास घूम रहा है।
प्रशासनिक और कानूनी रूप से इस आईपीओ से मिलने वाली शुद्ध धनराशि के उपयोग को लेकर कंपनी ने बेहद पारदर्शी खाका पेश किया है। टर्टलमिन्ट फिनटेक सॉल्यूशंस इस पूंजी का एक बड़ा हिस्सा अपने क्लाउड और सर्वर से जुड़े तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के साथ-साथ टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट टीमों के वेतन खर्चों को वहन करने में करेगी। इसके अलावा, मार्केटिंग पहलों और कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई टीआईबी के मौजूदा एसेट्स के लीज पेमेंट के लिए भी इस फंड का इस्तेमाल किया जाना तय हुआ है। नियमों के मुताबिक, टीआईबी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और भविष्य में अघोषित रणनीतिक अधिग्रहणों के जरिए गैर-जैविक विकास को गति देने के लिए भी इस निवेश का कानूनी प्रावधान रखा गया है।
टर्टलमिन्ट फिनटेक सॉल्यूशंस के इस सार्वजनिक निर्गम में दांव लगाने का कल यानी 23 जून को आखिरी दिन है, जिसके बाद निवेशकों की किस्मत का फैसला समीक्षा के दौर में चला जाएगा। तय समय-सारणी के अनुसार, सफल आवेदकों को शेयरों का अलॉटमेंट 24 जून को होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है, जबकि कंपनी के शेयरों की घरेलू शेयर बाजारों यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर आधिकारिक लिस्टिंग 29 जून को प्रस्तावित है। फिनटेक जगत की इस उभरती कंपनी की लिस्टिंग भारतीय टेक-स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक नया पैमाना तय करेगी, जिस पर न केवल रिटेल इनवेस्टर्स बल्कि बड़े कूटनीतिक निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
