सोने और चांदी के बाजार में हलचल

नई दिल्ली: अगर आप सोने या चांदी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। बाजार विश्लेषकों और कमोडिटी एक्सपर्ट्स ने अगले हफ्ते कीमती धातुओं की कीमतों में एक बड़ी तेजी आने का अनुमान जताया है। यह उछाल केवल घरेलू मांग की वजह से नहीं, बल्कि दुनिया भर में बदल रहे राजनीतिक और आर्थिक हालातों का नतीजा है।

क्यों बढ़ेंगे सोने-चांदी के दाम? (प्रमुख कारण)

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी के पीछे कुछ ठोस और वैश्विक कारण (Global Factors) जिम्मेदार हैं:

  • डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्लोबल टैरिफ (आयात शुल्क) बढ़ाने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। जब भी वैश्विक व्यापार में जोखिम बढ़ता है, निवेशक अपना पैसा सुरक्षित रखने के लिए शेयर बाजार के बजाय सोने की ओर रुख करते हैं।
  • भू-राजनीतिक तनाव: पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ता संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध की स्थिति ने बाजार में डर का माहौल पैदा किया है। इतिहास गवाह है कि युद्ध और तनाव के समय सोने की कीमतें हमेशा आसमान छूती हैं।
  • आर्थिक आंकड़ों का असर: अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, जैसे साप्ताहिक बेरोजगारी के दावे और उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI), बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि ये आंकड़े कमजोर आते हैं, तो सोने की कीमतों को और बल मिलेगा।
  • फेडरल रिजर्व की नीति: निवेशक इस बात पर भी नजर गड़ाए हुए हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है या नहीं। ब्याज दरों में कमी सीधे तौर पर सोने की चमक बढ़ा देती है।

पिछले हफ्ते कैसा रहा बाजार का हाल?

बीता हफ्ता भी कीमती धातुओं के लिए बढ़त वाला रहा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जो रुझान देखने को मिले, वे कुछ इस प्रकार हैं:

  • चांदी: चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। यह लगभग ₹8,584 (3.5%) महंगी हुई।
  • सोना: सोने की कीमतों में भी लगभग ₹981 (1%) की वृद्धि दर्ज की गई।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

एंजेल वन के शोध विभाग के विशेषज्ञ प्रथमेश माल्या के अनुसार, 20 फरवरी 2026 तक सोने की कीमतें एक सीमित दायरे (₹1.5 लाख से ₹1.6 लाख प्रति 10 ग्राम) के बीच बनी रहीं। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़े और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों को सोने की ओर धकेला है।

चॉइस ब्रोकिंग का भी मानना है कि चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसले और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बाद बदलती व्यापार नीतियों ने सोने को एक सुरक्षित विकल्प बना दिया है।

कितना ऊपर जा सकता है सोना?

बाजार विशेषज्ञों ने अगले हफ्ते के लिए जो लक्ष्य (Targets) निर्धारित किए हैं, वे निवेशकों को उत्साहित करने वाले हैं। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इस सप्ताह जोखिम से बचने की भावना प्रबल रहेगी और सोने की कीमतें ₹1.61 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकती हैं। चांदी में भी इसी तरह की तेजी जारी रहने की उम्मीद है।

वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता और युद्ध के बादलों के बीच, सोना एक बार फिर निवेशकों के लिए 'सुरक्षित स्वर्ग' (Safe Haven) साबित हो रहा है। हालाँकि, कीमतों में यह उतार-चढ़ाव पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय खबरों और डॉलर की मजबूती पर निर्भर करेगा।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story