भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी की बचत का सबसे विश्वसनीय आधार माने जाने वाले सोने की कीमतों ने आज सर्राफा बाजार में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हो रही उथल-पुथल और घरेलू मांग में आए अचानक बदलाव के कारण बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। आज भारत के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत 15,235 रुपये प्रति ग्राम के अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। सोने की इन कीमतों ने न केवल निवेशकों को चौंका दिया है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी बड़ी चिंता खड़ी कर दी है जिनके घरों में आने वाले समय में वैवाहिक कार्यक्रम या मांगलिक अवसर होने वाले हैं।

बाजार से प्राप्त विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, शुद्धता के विभिन्न स्तरों पर कीमतों में समान रूप से तेजी देखी जा रही है। 24 कैरेट यानी 99.9% शुद्ध सोने का भाव जहां 15,235 रुपये प्रति ग्राम है, वहीं आभूषणों के लिए सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले 22 कैरेट (91.6% शुद्धता) सोने की कीमत 13,965 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, कम बजट वाले आभूषणों के लिए प्रचलित 18 कैरेट (75% शुद्धता) सोने का भाव भी बढ़कर 11,426 रुपये प्रति ग्राम हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंकों द्वारा स्वर्ण भंडार बढ़ाने की नीति ने कीमतों को इस ऊंचाई तक धकेला है। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि कीमतों में इस तरह का उछाल पहले कभी नहीं देखा गया, जिससे बाजार में खरीदारों की संख्या में कमी आने की आशंका है।

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में इस वृद्धि का सीधा असर देश की ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भारत में सोना केवल आभूषण नहीं बल्कि एक 'सेफ हेवन' निवेश माना जाता है। जब भी शेयर बाजार या अन्य वित्तीय साधनों में अस्थिरता आती है, निवेशकों का झुकाव सोने की तरफ बढ़ जाता है। हालांकि, मौजूदा स्तर पर नई खरीदारी करना आम आदमी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। आभूषण विक्रेताओं के संघ ने बताया कि कीमतों में स्थिरता आने तक थोक और खुदरा दोनों ही स्तरों पर व्यापार प्रभावित रह सकता है। वहीं, सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीतियां भी आयात शुल्क और स्वर्ण बांड के माध्यम से इस बढ़ोत्तरी को संतुलित करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन वैश्विक दबावों के आगे फिलहाल बाजार गर्म बना हुआ है।

सोने की कीमतों में आई यह रिकॉर्ड तेजी आने वाले दिनों में भारतीय बाजारों की दिशा तय करेगी। जहां एक ओर इसे आर्थिक मजबूती और मुद्रास्फीति के विरुद्ध सुरक्षा के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह आम जनता की क्रय शक्ति के लिए एक कठिन परीक्षा है। सर्राफा विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। आने वाले हफ्तों में यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं होता है, तो कीमतों में और भी इजाफा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, देश भर के सर्राफा बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग कीमतों के नीचे आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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