टाटा समूह की दिग्गज और लोकप्रिय कंपनी टाइटन का शेयर आज शेयर बाजार में एक नए और ऐतिहासिक शिखर पर जा पहुंचा है। इस शानदार तेजी के साथ ही कंपनी का शेयर ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। आपको याद दिला दें कि यही वह शेयर था जिसने दिवंगत और दूरदर्शी निवेशक राकेश झुनझुनवाला को भारतीय शेयर बाजार का 'बिग बुल' बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी। पिछले लगभग दो वर्षों तक कमजोर और सुस्त रिटर्न देने के बाद टाइटन ने एक बार फिर से निवेशकों का दिल जीत लिया है और यह दोबारा निवेशकों की चहेती कंपनी बन गई है।

मौजूदा साल की बात करें तो कंपनी की कुल मार्केट वैल्यू यानी मार्केट कैप में 80,000 करोड़ रुपये से अधिक की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस शानदार रिकवरी और उछाल के पीछे कई ठोस वजहें जुड़ी हुई हैं। बाजार के जानकारों के मुताबिक, देश में ज्वैलरी की लगातार स्थिर मांग, सोने के भाव में स्थिरता, असंगठित बाजार से शिफ्ट होकर लोग का संगठित (ऑर्गेनाइज्ड) जूलरी चेन की तरफ तेजी से बढ़ना, और साथ ही तनिष्क तथा कैरेटलेन जैसे ब्रांड्स का मजबूत कारोबार इस सफलता के मुख्य स्तंभ रहे हैं।

अगर कारोबार के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर टाइटन का पिछला बंद भाव 4,943 रुपये था, जो आज खुलकर 4,977.20 रुपये पर पहुंचा। दिनभर के कारोबार के दौरान इस शेयर में तीन प्रतिशत से अधिक की भारी तेजी देखने को मिली और यह उछलकर सीधे 5,121.30 रुपये के अपने अब तक के सबसे ऊपरी यानी ऑल टाइम हाई स्तर पर जा पहुंचा। इस रिकॉर्ड तेजी के दम पर कंपनी का कुल मार्केट कैप भी 4.5 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। गौर करने वाली बात यह है कि बीते दो वर्षों से यह स्टॉक लगभग एक ही दायरे में घूम रहा था और निवेशकों को उम्मीद के मुताबिक रिटर्न नहीं मिल रहा था। उस दौरान सोने की लगातार बढ़ती कीमतें और ऊंची वैल्यूएशन जैसी वजहों ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया था।

हालांकि, इस साल बाजार की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। इस वर्ष जूलरी की मांग ने सभी पुराने अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। ग्राहकों का झुकाव अब स्थानीय दुकानों के मुकाबले ब्रांडेड और ऑर्गेनाइज्ड जूलरी स्टोर्स की तरफ ज्यादा हो रहा है। खासकर देश के बड़े शहरों के साथ-साथ अब छोटे कस्बों में भी यह बदलाव साफ तौर पर देखा जा रहा है, जिसका सीधा और बड़ा फायदा टाइटन कंपनी को मिल रहा है। इसके अलावा सोने की कीमतों में आई स्थिरता ने भी ग्राहकों को राहत दी है, जिससे जून तिमाही के दौरान बड़ी संख्या में खरीदार वापस स्टोर्स तक पहुंचे हैं। टाइटन की तरफ से चलाए जा रहे पुराने आभूषण बदलकर नए खरीदने के एक्सचेंज प्रोग्राम्स ने भी विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाई है।

कंपनी की ओर से जारी जून तिमाही के शानदार वित्तीय नतीजों ने भी शेयरों में इस जोश को भरने का काम किया है। टाइटन ने पहली तिमाही के दौरान अपने नेट प्रॉफिट में पिछले साल की तुलना में 63 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़ोतरी दर्ज की है और कुल 1,777 करोड़ रुपये का शानदार मुनाफा कमाया है। इन दमदार प्रदर्शन को देखते हुए देश-विदेश के बड़े ब्रोकरेज हाउस भी इस शेयर को लेकर काफी सकारात्मक नजर आ रहे हैं। एचएसबीसी (HSBC) ने टाइटन के शेयर के लिए 5,290 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जबकि सिटी (Citi) ने अपनी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस 5,075 रुपये से बढ़ाकर सीधा 5,700 रुपये कर दिया है। इसके अलावा मोतीलाल ओसवाल ने भी अपनी खरीदारी की सलाह जारी रखते हुए 6,000 रुपये का बड़ा टारगेट प्राइस तय किया है। जानकारों का मानना है कि युवा ग्राहकों पर फोकस, बेहतरीन सोर्सिंग और मजबूत रणनीतियों के दम पर टाइटन अन्य ब्रांडेड कंपनियों के मुकाबले काफी आगे निकल चुकी है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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