शेअर बाजार में अचानक आई गिरावट से हड़कंप; आखिर क्यों भाग रहे हैं विदेशी निवेशक ?
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को हाहाकार मच गया। FIIs की भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स 769 अंक और निफ्टी 241 अंक टूटकर बंद हुए। रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। बजट और US फेड के फैसले से पहले निवेशकों में घबराहट का माहौल है। जानें इस बड़ी गिरावट के पीछे के मुख्य कारण और बाजार विशेषज्ञों की राय।

Share Market Crash India : भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ताबड़तोड़ बिकवाली ने बाजार की शुरुआती बढ़त को न केवल खत्म कर दिया, बल्कि प्रमुख सूचकांकों को गहरे लाल निशान में धकेल दिया। भू-राजनीतिक तनाव में कमी और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बावजूद, घरेलू बाजार विदेशी पूंजी की निकासी और कमजोर तिमाही नतीजों के दबाव को झेलने में विफल रहा।
बाजार का लेखा-जोखा: सेंसेक्स और निफ्टी में कोहराम
कारोबारी सत्र के अंत में बाजार के दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक औंधे मुंह गिरे:
- सेंसेक्स: 769 अंक (0.94%) की भारी गिरावट के साथ 81,537 के स्तर पर बंद हुआ।
- निफ्टी: 241 अंक (0.95%) लुढ़ककर 25,048 के महत्वपूर्ण स्तर पर आ गया।
सबसे ज्यादा मार ब्रॉडर मार्केट (मिडकैप और स्मॉलकैप) पर पड़ी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.95% और स्मॉलकैप 100 में 2.06% की गिरावट दर्ज की गई, जो छोटे निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।
सेक्टोरल गिरावट: कोई भी क्षेत्र नहीं बचा अछूता
शुक्रवार को बाजार के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में डूबे रहे। बिकवाली का सबसे उग्र रूप इन क्षेत्रों में दिखा:
- निफ्टी रियल्टी: 3.42% की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित रहा।
- निफ्टी मीडिया और PSU बैंक: क्रमशः 2.79% और 2.43% टूटे।
- ऑटो और ऑयल एंड गैस: इनमें भी 1.25% से अधिक की फिसलन देखी गई।
गिरावट के पीछे के प्रमुख कारण :
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सकारात्मक PMI डेटा भी निवेशकों के सेंटिमेंट को नहीं बचा सका। गिरावट के पीछे चार मुख्य कारक रहे:
- FIIs की निकासी: विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकालना।
- रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले घरेलू मुद्रा का ऐतिहासिक निचले स्तरों की ओर जाना।
- कच्चे तेल की कीमतें: क्रूड ऑयल के बढ़ते दामों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है।
- प्रीमियम वैल्यूएशन: भारतीय शेयरों की ऊंची कीमतों के मुकाबले कंपनियों के Q3 नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
