TCS intermim and special dividend payout dates 2026 : भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के राजस्व में विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर वृद्धि देखी गई है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच टीसीएस की मजबूत पकड़ को दर्शाता है। हालांकि, शुद्ध लाभ में आई दोहरे अंकों की गिरावट ने बाजार को थोड़ा चौंकाया है, जिसका मुख्य कारण कंपनी का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और भविष्य की तकनीकों पर बढ़ता निवेश माना जा रहा है।

राजस्व और मार्जिन: अनुमानों को पछाड़ा :

31 दिसंबर को समाप्त हुई इस तिमाही में टीसीएस का समेकित राजस्व पिछले तीन महीनों की तुलना में 2% बढ़कर ₹67,087 करोड़ पर पहुंच गया। यह ब्लूमबर्ग द्वारा ट्रैक किए गए विश्लेषकों के ₹66,849 करोड़ के अनुमान से काफी बेहतर है।

  1. ईबीआईटी (EBIT): कंपनी की परिचालन आय (EBIT) 2% की बढ़त के साथ ₹16,889 करोड़ दर्ज की गई।

  2. मार्जिन स्थिरता: चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद टीसीएस अपना ईबीआईटी मार्जिन 25.2% पर स्थिर रखने में सफल रही, जो बाजार के 24.9% के अनुमान से बेहतर है।

  3. शुद्ध लाभ में गिरावट: कंपनी के शुद्ध लाभ (Net Profit) में 11.7% की गिरावट दर्ज की गई, जो घटकर ₹10,720 करोड़ रह गया। यह विश्लेषकों के ₹13,006 करोड़ के अनुमान से कम है।

शेयरधारकों के लिए लाभांश की 'बरसात' :

मुनाफे में गिरावट के बावजूद, टाटा समूह की इस दिग्गज कंपनी ने अपने शेयरधारकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। टीसीएस बोर्ड ने कुल ₹57 प्रति शेयर के लाभांश (Dividend) की घोषणा की है, जिसमें शामिल हैं:

  • ₹11 का तीसरा अंतरिम लाभांश।

  • ₹46 का विशेष लाभांश।

यह घोषणा उन लाखों छोटे और बड़े निवेशकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, जो कंपनी की लंबी अवधि की विकास योजनाओं पर भरोसा करते हैं।

बाजार की प्रतिक्रिया और भविष्य की राह :

नतीजे सोमवार को बाजार बंद होने के बाद आए, लेकिन कारोबारी सत्र के दौरान ही निवेशकों में सकारात्मक रुझान देखा गया। बीएसई (BSE) पर टीसीएस के शेयर 0.86% की बढ़त के साथ ₹3,235.70 पर बंद हुए। वहीं, सेंसेक्स भी 83,878.17 के स्तर पर मजबूती के साथ बंद हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि टीसीएस की नई 'एआई-फर्स्ट' (AI-First) रणनीति और तकनीकी बुनियादी ढांचे पर किया जा रहा खर्च अल्पावधि में मुनाफे पर दबाव डाल सकता है, लेकिन यह दीर्घकालिक वृद्धि के लिए एक आवश्यक निवेश है। कंपनी जिस तरह से अपने एआई पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है, वह भविष्य में आईटी सेवाओं के बदलते परिदृश्य में उसे एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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