भारत की प्रमुख फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स कंपनी Swiggy ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजों के साथ यह संकेत दे दिया है कि कंपनी अब केवल आक्रामक विस्तार ही नहीं, बल्कि मुनाफे की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। गुरुवार, 8 मई को जारी Q4 FY26 परिणामों में कंपनी का घाटा कम हुआ है, जबकि राजस्व में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। खासतौर पर इंस्टामार्ट बिजनेस की तेज ग्रोथ ने कंपनी के प्रदर्शन को नई मजबूती दी है।

मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में स्विगी का शुद्ध घाटा घटकर लगभग 800 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 1,081 करोड़ रुपये था। इससे पहले Q3 FY26 में कंपनी का घाटा 1,065 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। लगातार कम होते घाटे ने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि लंबे समय से कंपनी की लाभप्रदता को लेकर सवाल उठ रहे थे।

कंपनी की परिचालन आय में भी उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। Q4 FY26 में स्विगी का रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 6,383 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि Q4 FY25 में यह 4,410 करोड़ रुपये था। इससे पहले Q3 FY26 में कंपनी ने 6,148 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया था, जो सालाना आधार पर 54 प्रतिशत अधिक था। फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स दोनों सेगमेंट्स में मजबूत मांग ने इस वृद्धि को गति दी।

स्विगी के मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप CEO श्रीहर्ष मजेटी ने परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फूड डिलीवरी बिजनेस ने लगभग चार वर्षों में अपनी सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने वार्षिक एडजस्टेड EBITDA में 1,000 करोड़ रुपये का स्तर पार किया है और यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब सेक्टर की रफ्तार को लेकर बाजार में संदेह जताया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में कंपनी के मार्जिन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और आउट-ऑफ-होम बिजनेस भी लगातार लाभदायक बना हुआ है।

कंपनी के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन इंस्टामार्ट साबित हुआ है। तेजी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स बाजार में स्विगी की यह सेवा लगातार विस्तार कर रही है। हालांकि इस क्षेत्र में Zomato और Zepto जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। 10-मिनट डिलीवरी मॉडल को लेकर बाजार में तेज मुकाबला देखने को मिल रहा है और निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि स्विगी इंस्टामार्ट को कब तक स्थायी लाभप्रदता तक पहुंचा पाएगी।

विश्लेषकों का मानना है कि बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज और सुधरते मार्जिन ने कंपनी के घाटे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बाजार अब इस बात पर फोकस कर रहा है कि स्विगी आने वाले महीनों में क्विक-कॉमर्स विस्तार, लागत नियंत्रण और कोर फूड डिलीवरी बिजनेस के मार्जिन सुधार के बीच किस तरह संतुलन बनाती है।

ताजा तिमाही नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि स्विगी अब केवल बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी वित्तीय मजबूती और परिचालन दक्षता की दिशा में भी निर्णायक कदम बढ़ा रही है। ऐसे समय में जब भारत का क्विक-कॉमर्स सेक्टर तेजी से बदल रहा है, स्विगी के ये नतीजे पूरे उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माने जा रहे हैं।


डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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