वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई निवेशकों की बेचैनी, बाजार में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली/मुंबई | 13 मार्च 2026

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन, यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। वैश्विक बाजारों से मिल रहे नकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने निवेशकों के उत्साह पर पानी फेर दिया है।

आज के बाजार का हाल (शुरुआती कारोबार)

शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। ताजा आंकड़ों के अनुसार:

  • सेंसेक्स (BSE Sensex): शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 590–600 अंक गिरकर 75,444 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा।
  • निफ्टी (NSE Nifty): नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 23,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़कर 23,462 के आसपास पहुंच गया।

बाजार में इस गिरावट के कारण महज कुछ ही मिनटों में निवेशकों की करोड़ों रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई। बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी जा रही है।

गिरावट की 3 प्रमुख वजहें

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आज की इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं:

1. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें (Crude Oil Spike):

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (Brent Crude) $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने और राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) गहराने का डर है।

2. वैश्विक तनाव (Geopolitical Tensions):

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की धमकियों ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों में इस अस्थिरता को लेकर डर का माहौल है, जिससे वे जोखिम वाले बाजारों (जैसे भारत) से अपना पैसा निकाल रहे हैं।

3. डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोत्तरी:

अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोत्तरी के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। जब डॉलर मजबूत होता है, तो उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी बाहर निकलने लगती है।

किन शेयरों में रही हलचल?

आज के कारोबार में L&T, HDFC Bank, ICICI Bank और Tata Steel जैसे दिग्गज शेयरों में 2% तक की गिरावट देखी गई। वहीं, दूसरी ओर Power Grid और Hindustan Unilever जैसे कुछ डिफेंसिव शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई, जो बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे थे।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

बाजार में वर्तमान अस्थिरता को देखते हुए विश्लेषकों का कहना है कि:

  • जल्दबाजी न करें: गिरावट के समय पैनिक सेलिंग (घबराहट में बेचना) से बचें।
  • क्वालिटी पर ध्यान दें: केवल उन्हीं कंपनियों में बने रहें जिनके फंडामेंटल्स मजबूत हैं।
  • अनुशासन जरूरी: स्टॉप-लॉस का पालन करें और अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार ही निवेश करें।


13 मार्च 2026 को शेयर बाजार की इस गिरावट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वैश्विक घटनाएं भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालती हैं। निवेशकों को अब अगले कुछ दिनों तक वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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