भारतीय शेयर बाजार में 19 अक्टूबर, सोमवार के दिन कारोबार की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी देखने को मिली। सुबह बाजार खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी ने शुरुआती संकेत में मिलाजुला रुख दिखाया था। गिफ्ट निफ्टी 23,117 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से करीब 2.20 अंक यानी 0.01 प्रतिशत नीचे था। इसके साथ ही एशियाई बाजारों में सोमवार को कमजोरी देखने को मिली और अमेरिकी शेयर फ्यूचर्स में भी मिलाजुला रुख दर्ज किया गया। डॉऊ फ्यूचर्स नीचे थे, जबकि S&P 500 और नस्डैक फ्यूचर्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई।

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद सतर्क रुख के साथ हुई। बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 120 अंकों की तेजी के साथ 74,849 के लेवल पर खुला, जबकि एनएसई के निफ्टी ने महज 4 अंक ऊपर 23,150 के लेवल से कारोबार की शुरुआत की। हालांकि, घरेलू बाजार खुलते ही चंद सेकेंड में लाल निशान पर आ गया और सेंसेक्स 173 अंक गिरकर 74,555 के स्तर पर पहुंच गया।

सुबह 9:28 बजे तक घरेलू शेयर बाजार पूरी तरह गिरावट की पटरी पर आ गया। सेंसेक्स 530 अंकों के बड़े नुकसान के साथ 74,197 पर आ गया, जबकि निफ्टी 169 अंक टूटकर 22,976 के स्तर पर पहुंच गया। इस समय सेंसेक्स में एक्सिस बैंक 4.54 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ टॉप लूजर बना हुआ था, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) 1.21 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर के रूप में उभरा।

सुबह 9:46 बजे के आसपास शेयर बाजार में निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिली, हालांकि दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में ही बने रहे। सेंसेक्स 500 अंक से अधिक लुढ़कने के बाद रिकवर होकर केवल 12 अंक नीचे 74,717 पर आ गया। इस दौरान स्टेट बैंक 2.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ सेंसेक्स का टॉप गेनर बना रहा, जबकि एक्सिस बैंक की गिरावट घटकर 3.74 प्रतिशत रह गई और यह टॉप लूजर रहा। निफ्टी भी रिकवर होकर महज 10 अंक की गिरावट के साथ 23,136 पर आ गया।

सुबह 10:06 बजे तक घरेलू शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स पर एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, बजाज फिनसर्व और इन्फोसिस सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। इन शेयरों में 1.11 प्रतिशत से लेकर 3.86 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, अल्ट्राटेक, स्टेट बैंक, मारुति, अडानी पोर्ट्स और रिलायंस टॉप गेनर्स में शामिल रहे। इस समय सेंसेक्स 276 अंक गिरकर 74,452 पर और निफ्टी 71 अंक टूटकर 23,054 पर कारोबार कर रहा था।

बाजार की इस स्थिति पर एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, भारतीय बाजार पूरे दिन सतर्क रह सकता है। क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बाजार के लिए मुख्य चिंता का कारण बनी हुई हैं। WTI क्रूड करीब 97–98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जबकि ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। कच्चे तेल की इन ऊंची कीमतों के कारण एनर्जी से जुड़े सेक्टरों पर दबाव बन सकता है और रुपये की स्थिति पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो वॉल स्ट्रीट और अमेरिकी फ्यूचर्स में रविवार शाम को मिलाजुला रुख देखने को मिला था। डॉऊ जोन्स 0.55 प्रतिशत गिरकर 51,891 पर था। एस एंड पी 500 फ्यूचर्स 20–25 अंक ऊपर थे, लेकिन पूरे सप्ताह के दौरान इस इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई थी। नस्डैक फ्यूचर्स करीब 250 अंक चढ़े थे, जबकि नस्डैक 2.19 प्रतिशत गिरकर 26,128.13 पर बंद हुआ था। पिछले सप्ताह अमेरिका के टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई थी।

एशियाई बाजारों में भी सोमवार को सुस्ती और गिरावट हावी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 179 अंक यानी 3.17 प्रतिशत गिरकर 5,488 पर खुला, जबकि कोस्डैक में 0.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 शुरुआत में 0.77 प्रतिशत गिरकर 64,819 पर खुला और बाद में 1.73 प्रतिशत गिरकर 64,194 तक पहुंच गया। वहीं, ताइवान का ताइएक्स इंडेक्स 1.42 प्रतिशत गिरकर 46,440 पर कारोबार कर रहा था।

इससे पूर्व, बीते शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 413 अंक यानी 0.56 प्रतिशत चढ़कर 74,729 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 में 148.80 अंक यानी 0.65 प्रतिशत की बढ़त रही थी और यह 23,146.15 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी ने फिर से 23,100 का स्तर हासिल कर लिया था। पूरे पिछले सप्ताह के प्रदर्शन को देखें तो सेंसेक्स में 3.11 प्रतिशत और निफ्टी में 2.78 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई थी।

सेंसेक्स के आउटलुक पर चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के वाइस प्रेसीडेंट टेक्निकल रिसर्च सचिन गुप्ता के अनुसार, सेंसेक्स का रुख साइडवेज से बुलिश बना हुआ है। साप्ताहिक रिकवरी और मोमेंटम इंडिकेटर्स में सुधार से बाजार को समर्थन मिल रहा है। यदि सेंसेक्स 73,900–74,100 के स्तर से ऊपर टिकता है, तो तेजी का रुख बना रह सकता है और सूचकांक 75,000–75,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ सकता है। इस रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट आने पर नई खरीदारी देखने को मिल सकती है, जबकि रेजिस्टेंस पार न होने की स्थिति में बाजार कंसोलिडेशन या प्रॉफिट बुकिंग की ओर जा सकता है।

वहीं निफ्टी के आउटलुक पर चॉइस ब्रोकिंग का कहना है कि निफ्टी ने 200-सप्ताह EMA और बढ़ती ट्रेंडलाइन सपोर्ट से अच्छी रिकवरी की है, जिससे शॉर्ट टर्म आउटलुक में सुधार आया है। हालांकि साप्ताहिक कैंडल बुलिश है, लेकिन निफ्टी अभी 50-सप्ताह EMA को फिर से हासिल नहीं कर पाया है। यदि सूचकांक तुरंत रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिकता है, तो रिकवरी मजबूत हो सकती है। निवेशकों को कोई भी नई पोजीशन लेने से पहले बाजार की चाल और ओपन इंटरेस्ट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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