घरेलू शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान जबरदस्त रौनक देखने को मिली, जहां मिलेजुले वैश्विक संकेतों और आईटी शेयरों में आई भारी लिवाली के दम पर प्रमुख सूचकांकों ने जोरदार छलांग लगाई। पिछले सत्र में आई मामूली गिरावट के बाद, आज के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 800 अंकों की शानदार तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करते हुए 24,200 के पार जा पहुंचा। इस अचानक आई तेजी से निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं और बाजार में उत्साह का माहौल बना हुआ है।

कारोबार की शुरुआत में सुबह करीब 9:40 बजे, बीएसई सेंसेक्स 777.71 अंकों यानी 1.01 प्रतिशत की मजबूती के साथ 77,543.63 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। वहीं दूसरी ओर, एनएसई का निफ्टी50 इंडेक्स भी 218.85 अंकों यानी 0.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,204.20 के स्तर पर पहुंच गया। इस बीच, विदेशी मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपये ने मजबूती दिखाई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे की बढ़त के साथ 95.70 पर खुला। बाजार के इस सकारात्मक रुख में विभिन्न सेक्टर्स की सक्रिय भागीदारी ने अहम भूमिका निभाई है।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से अधिकांश शेयर हरे निशान के साथ खुले, जिनमें इंफोसिस के शेयरों में सबसे अधिक 3.56 प्रतिशत तक की जोरदार तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो (L&T), टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल और बजाज फाइनेंस के शेयरों में भी उल्लेखनीय खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, इसके विपरीत मारुति, टाइटन, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स, इंडिगो और पावरग्रिड के शेयर शुरुआती दौर में गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते दिखे। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक भी क्रमशः 0.54 प्रतिशत और 0.66 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहे थे।

सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो आज निफ्टी आईटी और निफ्टी केमिकल इंडेक्स ने बाजार में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया, जबकि दूसरी तरफ निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर बना रहा। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में उत्पन्न हुए तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उठापटक जारी है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की खबरों और एनर्जी सप्लाई को लेकर बनी चिंताओं के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया, जो शुरुआती दौर में निचले स्तर पर रहने के बाद लगभग 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। बहरहाल, घरेलू स्तर पर आईटी शेयरों की अगुवाई में मिल रही यह मजबूती भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन और निवेशकों के भरोसे को मजबूती दे रही है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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