घरेलू शेयर बाजार में जोरदार वापसी: सेंसेक्स और निफ्टी में बंपर उछाल से निवेशकों के चेहरे खिले
चार दिनों की गिरावट के बाद घरेलू बाजार में लौटी रौनक, अडानी पोर्ट्स और पावरग्रिड में एक फीसदी से ज्यादा बढ़त, ट्रंप की चीन यात्रा पर टिकी नजरें।

शेयर बाजार में आज आई तेजी के बाद मुंबई स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और निफ्टी के सूचकांकों में बढ़त को दर्शाता ग्राफिक।
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार सत्रों की गिरावट और अनिश्चितता के बाद आज फिर से रौनक लौट आई है। गुरुवार के शुरुआती कारोबारी सत्र में ही निवेशकों के उत्साह ने बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर ट्रेड कर रहा है, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 23,550 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफल रहा है। बाजार की इस सकारात्मक गति ने न केवल निवेशकों के पोर्टफोलियो में हरियाली लौटाई है, बल्कि आने वाले दिनों के लिए एक मजबूत तकनीकी आधार भी तैयार किया है।
कारोबार की शुरुआत से ही बाजार का रुख स्पष्ट था। सुबह 9:22 बजे बीएसई सेंसेक्स 451.52 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,060.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी तर्ज पर निफ्टी ने भी 156.60 अंकों यानी 0.67 प्रतिशत की तेजी दर्ज की और 23,569.20 के स्तर को छू लिया। बुधवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुए बाजार ने आज के सत्र में जो रफ्तार पकड़ी है, वह वैश्विक और घरेलू दोनों ही मोर्चों पर सकारात्मक संकेतों का परिणाम है। सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 26 शेयर बढ़त के साथ खुले, जो बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी का प्रमाण है।
दिग्गज शेयरों की बात करें तो अडानी पोर्ट्स, एनटीपीसी, ट्रेंट, पावरग्रिड और एलएंडटी के शेयरों में एक फीसदी से अधिक की शानदार तेजी देखी गई। इनके अलावा एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई जैसे ब्लू-चिप शेयरों ने भी बाजार को मजबूती प्रदान की। हालाँकि, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के शेयरों में आज भी दबाव देखा जा रहा है। इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे बड़े नामों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स पर दबाव बना हुआ है। ब्रॉडर मार्केट्स में भी माहौल उत्साहजनक है, जहाँ निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.49 प्रतिशत और 0.59 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं।
बाजार की इस तेजी के पीछे वैश्विक कूटनीतिक हलचल एक प्रमुख कारण मानी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चीन पहुंचना वैश्विक निवेशकों के लिए एक बड़ी उम्मीद लेकर आया है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंधों में सुधार की संभावना ने दुनिया भर के बाजारों में सकारात्मक धारणा पैदा की है। भारतीय निवेशकों की नजर भी ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के नतीजों पर टिकी है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106 डॉलर प्रति बैरल पर होना और ईरान मुद्दे पर चर्चा की उम्मीदें भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक मोर्चे पर सकारात्मक खबरें आती रहीं, तो भारतीय बाजार अपनी इस बढ़त को बरकरार रख सकता है। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में आई सबसे ज्यादा तेजी इस बात का संकेत है कि निवेशक सुरक्षित और ग्रोथ वाले सेक्टर्स की ओर रुख कर रहे हैं। हालाँकि, आईटी क्षेत्र की सुस्ती चिंता का विषय है, लेकिन ओवरऑल मार्केट सेंटीमेंट फिलहाल बुल्स के पक्ष में नजर आ रहा है। यह तेजी न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के एक आकर्षक निवेश केंद्र के रूप में उभरने की कहानी को भी पुख्ता करती है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
