Commercial LPG price hike India : वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधाओं का सीधा असर अब भारतीय बाजार की रसोई और वाणिज्यिक संस्थानों पर पड़ना शुरू हो गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में आई अस्थिरता के चलते भारत में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस ताज़ा मूल्य वृद्धि ने न केवल छोटे व्यापारियों और रेस्तरां मालिकों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि आगामी त्योहारी सीजन से पहले लागत बढ़ने का बड़ा खतरा भी पैदा कर दिया है।

ताज़ा संशोधनों के बाद, देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹195.50 का बड़ा इजाफा हुआ है, जिसके बाद अब एक सिलेंडर की कीमत ₹2,078.50 तक पहुंच गई है। कोलकाता में यह वृद्धि ₹218 और चेन्नई में ₹203 दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी एलपीजी अनुबंध की कीमतों में आई 44% की भारी तेजी इस संकट की मुख्य जड़ है। वैश्विक बाजारों में एलपीजी की दरें $542 से बढ़कर $780 प्रति मीट्रिक टन तक जा पहुंची हैं। पश्चिम एशिया में गहराते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक ऊर्जा श्रृंखला पूरी तरह चरमरा गई है।

कीमतों में वृद्धि का यह सिलसिला केवल यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में इसके प्रभाव देखे जा रहे हैं:

  • लगातार पांचवीं वृद्धि: इस वर्ष अब तक कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कुल पांच बार बढ़ोतरी की जा चुकी है, जो संचयी रूप से लगभग ₹525 की वृद्धि को दर्शाती है।
  • विमानन ईंधन (ATF): हवाई यात्रा भी अब महंगी होने की राह पर है, क्योंकि विमानन ईंधन की कीमतों में 115% से अधिक का उछाल आया है, जिससे एयरलाइंस कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
  • घरेलू राहत : राहत की बात यह है कि घरेलू उपयोग वाले सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकारी सब्सिडी के कारण दिल्ली में इसकी कीमत ₹913 पर स्थिर बनी हुई है।

व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखें तो इस बढ़ोतरी का सबसे गहरा असर छोटे भोजनालयों, हलवाईयों और छोटी फैक्ट्रियों पर पड़ेगा जो पूरी तरह से कमर्शियल गैस पर निर्भर हैं। लागत बढ़ने से आम आदमी की जेब पर बाहर खाने और अन्य सेवाओं के रूप में बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तेल विपणन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों की हर महीने समीक्षा करती हैं, और वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए निकट भविष्य में कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम ही नजर आ रही है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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