उड़ गई नींद! बाजार में 750 अंकों का गोता; ये 3 वजहें बनीं विलेन
भारतीय शेयर बाजार में 22 जनवरी को भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। सुबह की बढ़त के बाद सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 750 अंक नीचे गिर गया, वहीं निफ्टी 25,200 के करीब आ गया। ट्रंप के टैरिफ विवाद, एफआईआई (FII) की निरंतर बिकवाली, रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर और बढ़ते India VIX ने बाजार के सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया है। जानिए इस गिरावट के पीछे के मुख्य कारण और तकनीकी विश्लेषण।

Today's Stock Market : भारतीय शेयर बाजार के लिए 22 जनवरी का दिन किसी 'रोलर-कोस्टर राइड' से कम नहीं रहा। शुरुआती कारोबार में जिस तेजी ने निवेशकों को गदगद किया था, वह दोपहर होते-होते भारी मुनाफावसूली की भेंट चढ़ गई। दलाल स्ट्रीट पर आज वह मंजर दिखा जब सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से 750 अंक से अधिक फिसल गया, जिससे बाजार की शुरुआती बढ़त पूरी तरह काफूर हो गई।
शानदार शुरुआत, फिर तेज गिरावट :
गुरुवार की सुबह भारतीय बाजारों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी से पीछे हटने और बल प्रयोग से इनकार करने के बाद वैश्विक बाजारों में आए उछाल का असर भारत में भी दिखा। सुबह निफ्टी 50 1.09% की बढ़त के साथ 25,430.3 के स्तर पर जा पहुंचा, जबकि बीएसई सेंसेक्स 1.03% उछलकर 82,751.95 के रिकॉर्ड के करीब था। लेकिन यह खुशी अल्पकालिक साबित हुई।
गिरावट के 4 मुख्य कारक: क्यों टूटा बाजार ?
बाजार के विशेषज्ञों और तकनीकी संकेतकों ने इस अचानक आई गिरावट के पीछे चार प्रमुख कारणों को चिह्नित किया है:
1. उच्च स्तर पर मुनाफावसूली: पिछले तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद आए उछाल ने बड़े निवेशकों को 'प्रॉफिट बुकिंग' का मौका दे दिया। विशेष रूप से बैंक निफ्टी, जो सुबह शानदार प्रदर्शन कर रहा था, अपने शिखर से 1% नीचे गिर गया। दिग्गज शेयर जैसे एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाया।
2. एफआईआई (FII) की बेरुखी: विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 21 जनवरी को भी एफआईआई शुद्ध विक्रेता रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में आय वृद्धि की धीमी गति और उच्च मूल्यांकन के कारण विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं।
3. रुपये में ऐतिहासिक कमजोरी: रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.53 पर खुलने के बाद संभल नहीं सका और 91.74 के सर्वकालिक निचले स्तर के आसपास बना रहा। मुद्रा की इस कमजोरी ने विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
4. 'इंडिया VIX' में उछाल: बाजार में अस्थिरता मापने वाला सूचक 'India VIX' करीब 4% बढ़ गया। यह संकेत है कि निवेशक आने वाले समय में बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव की आशंका से डरे हुए हैं।
विशेषज्ञों की राय और तकनीकी स्तर :
चॉइस ब्रोकिंग के तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक आकाश शाह के अनुसार, "निफ्टी के लिए 25,250-25,300 का स्तर अब तत्काल प्रतिरोध का काम कर रहा है। यदि बाजार 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे जाता है, तो हमें 24,800 तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।" वहीं, बैंकिंग सेक्टर में भी सतर्कता का माहौल है क्योंकि बैंक निफ्टी 60,000 के अहम स्तर को पार करने में विफल रहा है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
