95 साल की उम्र में सिमोन टाटा का निधन ; रिटेल उद्योग की स्तंभ शख्सियत को अलविदा
सिमोन टाटा, रतन टाटा की सौतेली माँ और भारतीय रिटेल-और कॉस्मेटिक्स उद्योग की अग्रणी शख्सियत, 95 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन। लैक्मे और वेस्टसाइड की स्थापक, उनका योगदान भारतीय उद्योग और महिलाओं के नेतृत्व में अमिट छाप छोड़ता है।

श्रीमती सिमोन टाटा
भारतीय उद्योग जगत और रिटेल क्षेत्र में आज एक दुखद दिन है। सिमोन टाटा, जिन्होंने लैक्मे और वेस्टसाइड जैसी प्रतिष्ठित ब्रांडों की नींव रखी और रतन टाटा की सौतेली माँ थीं, का निधन हो गया। वह 95 वर्ष की उम्र में, 5 दिसंबर 2025 को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में एक संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गईं।
सिमोन टाटा का जन्म 1930 के दशक में हुआ था। उन्होंने व्यवसायिक दुनिया में अपनी दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता के लिए नाम कमाया। रतन टाटा के पिता, नवाल टाटा, की दूसरी पत्नी के रूप में उनके परिवार में प्रवेश के बाद, उन्होंने टाटा परिवार और उद्योग जगत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका रतन टाटा के साथ संबंध सौतेली माता-पुत्र जैसा था, जिसमें उन्होंने परिवार और व्यवसायिक मामलों में मार्गदर्शन का कार्य किया।
सिमोन टाटा ने 1980 के दशक में लैक्मे को एक अग्रणी ब्रांड बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके बाद उन्होंने वेस्टसाइड की स्थापना की, जिसने भारतीय रिटेल उद्योग में आधुनिक फॅशन और रिटेलिंग के नए मानक स्थापित किए। उनके नेतृत्व में ये ब्रांड न केवल व्यावसायिक सफलता प्राप्त कर सके, बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं की खरीदारी और ब्रांड अनुभव को भी नया स्वरूप दिया।
व्यावसायिक योगदान के साथ-साथ सिमोन टाटा समाज सेवा और परोपकार में भी अग्रणी थीं। उन्होंने टाटा परिवार की चैरिटेबल गतिविधियों का मार्गदर्शन किया और कई सामाजिक परियोजनाओं को समर्थन प्रदान किया। उनके निधन से न केवल उद्योग जगत, बल्कि समाज में भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ का अभाव महसूस किया जा रहा है।
उनकी मृत्यु के बाद, परिवार और उद्योग जगत में शोक की लहर है। उनके अंतिम संस्कार का आयोजन 6 दिसंबर 2025 को मुंबई के कोलाबा स्थित कैथेड्रल ऑफ द होली नेम चर्च में किया जाएगा। इस अवसर पर उद्योग जगत और आम जनता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं।
सिमोन टाटा का जीवन और उनके कार्य भारतीय उद्योग, रिटेल और कॉस्मेटिक्स इतिहास में हमेशा याद रखे जाएंगे। उनका व्यवसायिक दृष्टिकोण और नेतृत्व भारतीय महिलाओं के लिए प्रेरणादायक मिसाल है। लैक्मे और वेस्टसाइड के माध्यम से उन्होंने भारतीय उपभोक्ता बाजार में स्थायी छाप छोड़ी। उनका निधन एक युग के अंत का प्रतीक है, लेकिन उनके योगदान की छाप आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
