चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे फीकी पड़ी चमक,जानें अपने शहर का ताजा रेट|
चांदी की कीमतों में आज गिरावट! 13 मार्च 2026 को चांदी का भाव ₹2.79 लाख प्रति किलो के करीब पहुँचा। जानें 1 ग्राम, 10 ग्राम और 1 किलो चांदी के सटीक दाम और बाजार गिरने की मुख्य वजह।

Silver prices fall sharply
नई दिल्ली | 13 मार्च 2026
भारतीय सर्राफा बाजार में आज सफेद धातु यानी चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद, आज 13 मार्च 2026 को चांदी के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे संकेतों और औद्योगिक मांग में आए बदलाव के कारण चांदी अब ₹2,79,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।
आज क्या हैं चांदी के सटीक भाव?
सर्राफा बाजार के जानकारों के अनुसार, आज चांदी की खुदरा और थोक कीमतों में जो कमी आई है, उसके बाद के रेट्स नीचे दिए गए हैं:
वजन (Weight) | आज का भाव (लगभग) |
1 ग्राम चांदी | ₹279.90 |
10 ग्राम चांदी | ₹2,799 |
100 ग्राम चांदी | ₹27,990 |
1 किलोग्राम चांदी | ₹2,79,900 |
(ध्यान दें: ये कीमतें सांकेतिक हैं। आपके शहर में स्थानीय वैट (VAT), जीएसटी (GST) और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है। सटीक जानकारी के लिए अपने स्थानीय जौहरी से संपर्क करें।)
चांदी की कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार विशेषज्ञों ने आज की गिरावट के पीछे कुछ ठोस तकनीकी और आर्थिक कारण बताए हैं:
1. औद्योगिक मांग में सुस्ती: चांदी का उपयोग केवल आभूषणों में ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है। वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग में आई मामूली कमी का असर इसकी कीमतों पर पड़ा है।
2. मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले हफ्तों में चांदी की कीमतों ने नई ऊँचाइयों को छुआ था। ऐसे में बड़े निवेशकों ने ऊंचे भाव पर अपनी चांदी बेचकर मुनाफा कमाना शुरू कर दिया है, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतें नीचे आ गईं।
3. डॉलर इंडेक्स का प्रभाव: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ता है। चूंकि वैश्विक बाजार में चांदी का व्यापार डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर की मजबूती इसे अन्य मुद्रा वाले देशों के लिए महंगा और मांग को कम कर देती है।
प्रमुख शहरों का हाल
भारत के अलग-अलग हिस्सों में चांदी की कीमतों में स्थानीय मांग के अनुसार बदलाव देखा गया है। दिल्ली और मुंबई जैसे व्यापारिक केंद्रों में चांदी ₹2,79,900 के आसपास बनी हुई है, जबकि दक्षिण भारत के शहरों जैसे चेन्नई और हैदराबाद में आभूषणों की भारी मांग के कारण यहाँ भाव उत्तर भारत की तुलना में ₹500 से ₹1000 प्रति किलो अधिक रह सकते हैं।
निवेशकों और ग्राहकों के लिए क्या है संकेत?
जो लोग शादी-ब्याह के सीजन के लिए चांदी के बर्तन या गहने खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट एक अवसर की तरह है। विशेषज्ञों का मानना है कि:
• लंबी अवधि का निवेश: चांदी को हमेशा से लंबी अवधि (Long-term) के लिए एक बेहतरीन एसेट माना गया है। गिरावट के समय धीरे-धीरे खरीदारी करना फायदेमंद हो सकता है।
• शुद्धता का ध्यान: चांदी खरीदते समय हमेशा उसकी शुद्धता (जैसे 925 स्टर्लिंग सिल्वर) की जांच करें और पक्का बिल जरूर लें।
13 मार्च 2026 को चांदी का ₹2.79 लाख प्रति किलो के आसपास रहना यह दर्शाता है कि बाजार वर्तमान में एक सुधार (Correction) के दौर से गुजर रहा है। हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन इसने उन खरीदारों को राहत दी है जो लंबे समय से दाम कम होने का इंतजार कर रहे थे। आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में औद्योगिक मांग फिर से बढ़ती है, तो चांदी एक बार फिर ₹3 लाख के स्तर की ओर बढ़ सकती है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं। बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का कोई भी निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट या वित्तीय सलाहकार की सलाह पर ही लें।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
