नई दिल्ली:

भारतीय बाजारों में आज 'सफेद धातु' यानी चांदी सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। पिछले महीने जहाँ चांदी ₹4.20 लाख प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक शिखर को छूकर आसमान पर थी, वहीं आज 15 फरवरी 2026 को यह धड़ाम से गिरकर ₹2.75 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। केवल फरवरी के महीने में ही चांदी की कीमतों में लगभग 21% की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों और आम खरीदारों के बीच खलबली मचा दी है।

बाजार में क्यों आया यह 'सिल्वर क्रैश'?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों का परिणाम है। इस 'क्रैश' के पीछे मुख्य रूप से 5 बड़े कारण माने जा रहे हैं:

1. भारी मुनाफावसूली (Profit Booking): जनवरी में जब चांदी ₹4 लाख के पार गई थी, तब बड़े निवेशकों (Institutional Investors) को जबरदस्त मुनाफा हुआ था। अब वे अपना पैसा बाजार से निकाल रहे हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

2. अमेरिकी डॉलर की मजबूती: अमेरिका में 'फेडरल रिजर्व' की सख्त नीतियों और डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं की मांग कम हुई है।

3. इंडस्ट्रियल डिमांड में सुस्ती: चांदी का बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल उद्योग में उपयोग होता है। वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग में अस्थायी सुस्ती ने भी कीमतों को नीचे धकेला है।

4. मार्जिन में बढ़ोतरी: MCX और वैश्विक एक्सचेंजों ने चांदी के व्यापार के लिए 'मार्जिन मनी' बढ़ा दी है। इसका मतलब है कि अब व्यापारियों को सौदा करने के लिए अधिक नगद रखना पड़ रहा है, जिससे कई छोटे व्यापारियों को अपने सौदे काटने पड़े।

5. तकनीकी गिरावट: ₹3 लाख का मनोवैज्ञानिक स्तर टूटने के बाद बाजार में 'स्टॉप-लॉस' ट्रिगर हो गए, जिससे गिरावट और तेज हो गई।

प्रमुख शहरों में आज के ताज़ा भाव (15 फरवरी 2026)

चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट देश के लगभग हर हिस्से में महसूस की जा रही है। यहाँ कुछ प्रमुख शहरों के ताज़ा रेट्स (प्रति किलोग्राम) दिए गए हैं:

शहर चांदी का भाव (₹/Kg) कल के मुकाबले बदलाव

दिल्ली ₹2,75,000 - ₹5,000

मुंबई ₹2,75,000 - ₹5,000

चेन्नई ₹2,80,000 - ₹4,500

जयपुर ₹2,75,000 - ₹5,000

कोलकाता ₹2,75,000 - ₹5,000


आम आदमी पर क्या होगा असर?

जहाँ निवेशकों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है, वहीं उन परिवारों के लिए यह राहत की खबर है जिनके घर में आने वाले महीनों में शादियां हैं। ₹4 लाख की तुलना में ₹2.75 लाख का भाव काफी आकर्षक लग रहा है। आभूषणों की दुकानों पर ग्राहकों की पूछताछ बढ़ गई है, हालांकि कई लोग इस उम्मीद में रुके हैं कि शायद दाम थोड़े और गिरें।

विशेषज्ञों की राय: क्या और गिरेगी चांदी?

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि ₹2.70 लाख से ₹2.75 लाख का स्तर चांदी के लिए एक बहुत मजबूत 'सपोर्ट ज़ोन' है। अगर कीमतें यहाँ टिकती हैं, तो बाजार में रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे एक साथ सारा पैसा न लगाएं, बल्कि 'सिस्टमैटिक' तरीके (SIP) से खरीदारी करें।

गिरावट में अवसर या जोखिम?

चांदी की यह 21% की गिरावट बाज़ार के उतार-चढ़ाव वाले स्वभाव को दर्शाती है। यह उन लोगों के लिए एक सबक भी है जो 'हाइप' (चर्चा) को देखकर ऊंचे दामों पर निवेश करते हैं। लेकिन लंबी अवधि के लिए, चांदी के बुनियादी औद्योगिक उपयोग (जैसे EV और ग्रीन एनर्जी) इसे एक मजबूत निवेश बनाते हैं। 15 फरवरी 2026 का यह भाव उन लोगों के लिए एक प्रवेश द्वार हो सकता है जो पिछले महीने की तेज़ी में खरीदारी से चूक गए थे।

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