चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट; एक दिन में 10 हजार रुपये लुढ़का भाव
भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! एक किलो चांदी ₹10,000 हुई सस्ती, जानें 15 मई 2026 के ताजा भाव और बाजार में आई इस मंदी के पीछे का मुख्य कारण।

भारतीय सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में आई अचानक गिरावट को दर्शाता एक प्रतीकात्मक व्यापारिक ग्राफ और चांदी की ईंटें।
Silver Price Today India 15 May 2026 : भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में एक अप्रत्याशित और ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों और कारोबारियों के बीच खलबली मचा दी है। वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग में आई कमी और डॉलर सूचकांक में सुधार के चलते घरेलू बाजार में चांदी की चमक फीकी पड़ गई है। आज सुबह बाजार खुलते ही चांदी के भाव में भारी गिरावट देखी गई, जिससे यह सफेद धातु अपने पिछले रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे फिसल गई है। यह गिरावट न केवल बड़े निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी है, बल्कि आभूषण बाजार में भी इसकी हलचल साफ महसूस की जा रही है।
बाजार से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमत में प्रति किलोग्राम ₹10,000 की भारी कटौती दर्ज की गई है। कल तक जो चांदी ₹3,00,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही थी, वह आज गिरकर ₹2,90,000 पर आ गई है। इसी प्रकार, प्रति 100 ग्राम चांदी के भाव में ₹1,000 की कमी आई है, जिससे यह अब ₹29,000 के स्तर पर उपलब्ध है। खुदरा बाजार में भी एक ग्राम चांदी की कीमत में ₹10 की गिरावट देखी गई है, जिसके बाद आज का भाव ₹290 प्रति ग्राम तय किया गया है। कीमतों में आया यह अचानक बदलाव पिछले कई महीनों की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट मानी जा रही है।
आधिकारिक सूत्रों और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मूल्य सुधार के पीछे अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक कारक और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां मुख्य रूप से उत्तरदायी हैं। वैश्विक बाजार में चांदी की मांग मुख्य रूप से सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र से आती है, जहाँ हालिया आपूर्ति श्रृंखला परिवर्तनों ने कीमतों पर दबाव बनाया है। कानूनी और नीतिगत दृष्टिकोण से, सीमा शुल्क में संभावित बदलावों की आहट और MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर भारी बिकवाली ने भी स्थानीय कीमतों को नीचे धकेला है। व्यापारियों को सलाह दी गई है कि वे बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सतर्कता बरतें, क्योंकि तकनीकी संकेत आगामी सत्रों में और अधिक सुधार की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं।
चांदी की कीमतों में आई यह भारी गिरावट भारतीय मध्यम वर्ग के लिए एक अवसर और चुनौती दोनों लेकर आई है। जहाँ एक ओर आगामी त्योहारों और शादियों के सीजन के लिए खरीदारी करने वालों के लिए यह एक राहत भरी खबर है, वहीं दूसरी ओर चांदी में निवेश करने वाले पोर्टफोलियो धारकों के लिए यह एक बड़ा झटका है। बाजार के जानकारों का कहना है कि कीमतों का यह स्तर लंबे समय तक स्थिर रहना कठिन है और अंतरराष्ट्रीय रुझानों के आधार पर इसमें जल्द ही रिकवरी देखी जा सकती है। फिलहाल, सर्राफा बाजार की यह मंदी भारतीय अर्थव्यवस्था में धातुओं के बदलते निवेश पैटर्न की एक नई कहानी बयां कर रही है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
