सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में भारी गिरावट; प्रति किलोग्राम पर सीधे ₹10000 की बड़ी कटौती दर्ज
वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग में आए बदलाव के चलते घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें टूटीं, जिससे विनिर्माताओं और आभूषण खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।

भारतीय सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में दर्ज की गई भारी गिरावट के बीच एक आभूषण दुकान में प्रदर्शित किए गए पारंपरिक चांदी के हार, अंगूठियां और झुमके।
Silver price drop today in India : भारतीय सर्राफा बाजार से आज एक ऐसी अप्रत्याशित और चौंकाने वाली खबर सामने आई है जिसने कमोडिटी बाजार के बड़े-बड़े विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है। वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग में आए बड़े बदलाव और घरेलू बाजार के समीकरणों के चलते चांदी की कीमतों में एक बड़ी और ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। पिछले काफी समय से लगातार मजबूत बनी हुई चांदी की दरें अचानक औंधे मुंह नीचे आ गिरी हैं, जिससे बाजार में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। इस अचानक आई भारी मंदी के बाद देश के प्रमुख औद्योगिक विनिर्माताओं से लेकर आभूषणों की खरीदारी की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं के बीच भारी हलचल पैदा हो गई है, और सर्राफा बाजारों में इस बड़ी गिरावट के असर को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं।
बाजार से प्राप्त आधिकारिक और विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में प्रति किलोग्राम पर सीधे ₹10,000 की भारी और अभूतपूर्व कटौती दर्ज की गई है। इस बड़ी गिरावट के बाद अब भारतीय बाजार में 1 किलोग्राम (1000 ग्राम) चांदी की कीमत कल के ₹2,75,000 के मुकाबले घटकर आज ₹2,65,000 के स्तर पर बंद हुई है। इसी तरह खुदरा बाजार में छोटे स्तर पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए भी बड़ी राहत सामने आई है, जहां 1 ग्राम चांदी की कीमत कल के ₹275 से ₹10 टूटकर आज ₹265 पर आ गई है। आंकड़ों के मुताबिक, 8 ग्राम चांदी का भाव आज ₹2,120 तय किया गया है, जिसमें ₹80 की कमी आई है। वहीं 10 ग्राम चांदी का दाम ₹100 की गिरावट के साथ ₹2,650 पर पहुंच गया है, और आभूषण निर्माताओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली 100 ग्राम चांदी की सिल्लियां ₹1,000 की मंदी के बाद ₹26,500 के स्तर पर बिक रही हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के कानूनी, विनियामक और आर्थिक पहलुओं पर गौर करें तो कमोडिटी एक्सचेंज बोर्ड और बाजार नियामक एजेंसियां चांदी के वायदा व्यापार में आई इस तेज गिरावट पर बारीकी से नजर रख रही हैं। वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्क्रीन प्राइस या बुनियादी दरों में स्थानीय स्तर पर लागू होने वाला वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी और आभूषणों का मेकिंग चार्ज शामिल नहीं है, जिसके कारण अलग-अलग राज्यों में अंतिम बिलिंग की दरों में थोड़ा अंतर आ सकता है। विनियामक अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं को लगातार यह हिदायत दी जा रही है कि वे बाजार की इस बड़ी मंदी का लाभ उठाते हुए केवल अधिकृत डीलरों से ही शुद्धता प्रमाणित चांदी की खरीद करें और भविष्य के किसी भी कानूनी या वित्तीय विवाद से बचने के लिए पक्का टैक्स इनवॉइस बिल लेना बिल्कुल न भूलें।
चांदी के बाजार में आई इस ताबड़तोड़ और ऐतिहासिक मंदी का दीर्घकालिक प्रभाव भारतीय आभूषण उद्योग के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा जैसे उन प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों पर भी व्यापक रूप से पड़ेगा जहां चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। आने वाले त्योहारी और वैवाहिक सीजन से ठीक पहले आई यह बड़ी गिरावट आम मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक सुनहरे अवसर के रूप में देखी जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में आभूषणों की मांग में भारी उछाल आने की पूरी उम्मीद है। यह पूरा घटनाक्रम इस बात का साफ संकेत देता है कि वैश्विक वित्तीय उतार-चढ़ाव के बीच भी भारतीय धातु बाजार बेहद संवेदनशील बना हुआ है, जहां आने वाले समय में बड़े निवेशकों की रणनीतियों में व्यापक बदलाव आना तय है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
