Today Silver Price : भारतीय सर्राफा बाज़ार में आज एक बार फिर भारी उथल-पुथल देखी गई, जहाँ सफेद धातु (चाँदी) की कीमतों ने निवेशकों और आम खरीदारों को चौंका दिया है। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और औद्योगिक मांग में आए बदलाव के बीच देश के महानगरों में कीमतों का एक बड़ा 'गैप' सामने आया है। जहाँ राष्ट्रीय राजधानी और आर्थिक राजधानी में कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर हैं, वहीं दक्षिण भारत के बाज़ारों में चाँदी अब भी प्रीमियम दरों पर कारोबार कर रही है।

महानगरों का तुलनात्मक गणित: कहाँ कितनी महंगी है चाँदी ?

आज (06 फरवरी 2026) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, भारत के प्रमुख शहरों में शुद्धता के आधार पर दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:

  • दक्षिण भारत का दबदबा (चेन्नई, हैदराबाद और केरल): इन क्षेत्रों में चाँदी की कीमतें आज देश में सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। यहाँ 1 किलोग्राम चाँदी का भाव ₹2,80,000 दर्ज किया गया है। 10 ग्राम के लिए यहाँ ग्राहकों को ₹2,800 खर्च करने पड़ रहे हैं।
  • उत्तर और पश्चिम भारत (दिल्ली, मुंबई, पुणे): दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में चाँदी ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम पर उपलब्ध है। यहाँ 10 ग्राम का भाव ₹2,750 के स्तर पर बना हुआ है।
  • अन्य महानगर (बेंगलुरु, कोलकाता और अहमदाबाद): इन शहरों में भी कीमतें दिल्ली-मुंबई के समान ₹2.75 लाख प्रति किलो के आसपास बनी हुई हैं, जो दक्षिण भारतीय राज्यों की तुलना में ₹5,000 प्रति किलो सस्ती हैं।

कीमतों में क्षेत्रीय अंतर की असली वजह :

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे विशाल देश में चाँदी की कीमतों में ₹5,000 तक का अंतर होना कई कारकों पर निर्भर करता है।

  • स्थानीय कर और लेवी: विभिन्न राज्यों में लगने वाले वैट (VAT), चुंगी और स्थानीय निकाय करों के कारण अंतिम खुदरा मूल्य बदल जाता है।
  • परिवहन और सुरक्षा लागत: आयात केंद्रों (Ports) से दूरी और सुरक्षित परिवहन का खर्च भी स्थानीय सर्राफा एसोसिएशन की दरों को प्रभावित करता है।
  • पारंपरिक मांग: दक्षिण भारत में धार्मिक और वैवाहिक आयोजनों में चाँदी के बर्तनों और आभूषणों की मांग उत्तर भारत के मुकाबले कहीं अधिक सघन होती है, जो कीमतों को प्रीमियम स्तर पर बनाए रखती है।

बाज़ार का भविष्य और आधिकारिक रुख :

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा में कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतों को मुद्रास्फीति (महंगाई) के लिए एक संवेदनशील कारक माना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अस्थिरता बनी रहेगी, तब तक घरेलू बाज़ार में यह क्षेत्रीय अंतर बना रह सकता है। खरीदारों को सलाह दी गई है कि वे केवल BIS हॉलमार्क वाली चाँदी ही खरीदें और स्थानीय दरों की तुलना अवश्य करें

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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