हाल ही में सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट (Crash) ने निवेशकों और आम उपभोक्ताओं को चौंका दिया था। लेकिन अब एक बार फिर से इन कीमती धातुओं में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। पिछले दो कारोबारी दिनों से लगातार सोना और चांदी अपनी खोई हुई चमक फिर से हासिल कर रहे हैं। यह उतार-चढ़ाव भरे बाजार में निवेश और खरीदारी के लिए एक महत्वपूर्ण समय हो सकता है। आइए जानते हैं 20 फरवरी 2026 को सोने और चांदी के ताजा भाव क्या हैं और इस उछाल के पीछे क्या कारण हैं।

चांदी में जबरदस्त तेजी, लेकिन अभी भी सस्ता

अगर हम चांदी की बात करें तो, इसमें पिछले कुछ दिनों से अप्रत्याशित तेजी देखी गई है। यह उछाल उन लोगों के लिए खास है जो चांदी में निवेश या खरीदारी की सोच रहे थे।

  • एमसीएक्स पर भाव: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 20 फरवरी 2026 को चांदी का भाव ₹70,000 प्रति किलोग्राम के पार निकल गया है।
  • रिकॉर्ड हाई से तुलना: हालांकि, इस तेजी के बावजूद चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर (All-time High) से काफी नीचे है। चांदी ने अपना रिकॉर्ड हाई ₹87,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बनाया था। इस हिसाब से आज भी चांदी अपने हाई से करीब ₹17,000 प्रति किलोग्राम सस्ती मिल रही है।
  • निवेशकों के लिए मौका: अगर कोई व्यक्ति रिकॉर्ड हाई से ₹10 किलोग्राम चांदी खरीदता, तो उसे ₹8.70 लाख खर्च करने पड़ते। लेकिन आज यह 10 किलोग्राम चांदी करीब ₹7 लाख में मिल रही है, यानी सीधे ₹1.70 लाख की बचत! यह उन लोगों के लिए एक बेहतरीन मौका है जो कम कीमत पर चांदी खरीदना चाहते हैं।

सोने की चमक भी लौटी

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई है। वैश्विक अनिश्चितताओं और डॉलर में कमजोरी के कारण सोने को फिर से 'सुरक्षित निवेश' (Safe Haven) के तौर पर देखा जा रहा है।

  • एमसीएक्स पर भाव: एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव (Futures Price) ₹62,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है।
  • भौतिक बाजार में: देश के प्रमुख सराफा बाजारों में 24 कैरेट सोने का भाव ₹62,500 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है, जबकि 22 कैरेट सोना ₹57,500 प्रति 10 ग्राम के करीब मिल रहा है। (यह स्थानीय करों और मेकिंग चार्ज के साथ थोड़ा भिन्न हो सकता है)।

क्यों आई यह तेजी?

सोने-चांदी की कीमतों में इस उछाल के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं:

  • वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव: दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ता तनाव (जैसे मध्य-पूर्व में अस्थिरता) निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेलता है, और सोना हमेशा से एक पसंदीदा विकल्प रहा है।
  • डॉलर में कमजोरी: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट आने से अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग बढ़ती है।
  • केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की खरीदारी बढ़ा रहे हैं, जिससे सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।
  • औद्योगिक मांग (Industrial Demand): चांदी की औद्योगिक मांग भी मजबूत बनी हुई है, खासकर सौर ऊर्जा पैनलों और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में, जिससे इसकी कीमतों को सहारा मिलता है।

निवेशकों के लिए सलाह

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

  • लंबी अवधि के लिए निवेश: जो निवेशक लंबी अवधि (Long Term) के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए ये कीमतें आकर्षक हो सकती हैं, खासकर चांदी के लिए।
  • छोटी अवधि के लिए सतर्कता: छोटी अवधि (Short Term) के निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि वैश्विक संकेतों पर कीमतें तेजी से बदल सकती हैं।
  • खरीदने से पहले जांचें: सोने-चांदी की खरीदारी से पहले अपने शहर के स्थानीय सराफा बाजार में रेट की पुष्टि अवश्य कर लें, क्योंकि मेकिंग चार्ज और अन्य स्थानीय करों के कारण कीमत थोड़ी भिन्न हो सकती है।

सोना और चांदी हमेशा से भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग रहे हैं। कीमतों में हालिया उछाल बाजार में एक नई उम्मीद जगा रहा है। चांदी का अपने रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे होना निवेशकों को एक बेहतरीन खरीदारी का अवसर प्रदान कर रहा है।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

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