₹410 प्रति ग्राम हुई चांदी; क्या अब तिजोरियों में कैद हो जाएगी सफेद चमक ?
भारत में चांदी की कीमतों ने रचा इतिहास! 29 जनवरी 2026 को चांदी ₹4.10 लाख प्रति किलोग्राम के पार पहुँची। एक ही दिन में ₹30,000 के भारी उछाल ने निवेशकों और उद्योगों को चौंका दिया है। वैश्विक औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश के चलते आई इस ऐतिहासिक तेजी और शहरवार ताजा भावों का विस्तृत विश्लेषण यहाँ पढ़ें।

Silver Price Per Kg : भारतीय सर्राफा बाजार में आज जो हुआ, उसने निवेशकों और मध्यम वर्ग के होश उड़ा दिए हैं। सोने की कीमतों में लगी आग के बीच अब चांदी ने भी 'महा-विस्फोट' कर दिया है। 29 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों में एक ही दिन में ₹30,000 प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया, जिससे इसकी कीमत ₹4,10,000 प्रति किलो के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गई है। यह एक ऐसा क्षण है जिसने कीमती धातुओं के बाजार में एक नई और अभूतपूर्व इबारत लिख दी है।
बाजार का विश्लेषण: रिकॉर्ड तोड़ तेजी के आंकड़े
चांदी की कीमतों में आई यह तेजी केवल एक सांख्यिकीय बदलाव नहीं, बल्कि आर्थिक अस्थिरता का एक गंभीर संकेत है। कल तक जो चांदी ₹3,80,000 पर थी, आज उसने ₹4 लाख की मनोवैज्ञानिक सीमा को पार कर लिया।
- प्रति ग्राम दर: आज चांदी का भाव ₹410 प्रति ग्राम पर पहुँच गया है, जिसमें कल के मुकाबले ₹30 की सीधी बढ़त हुई है।
- बड़ी मात्रा में निवेश: 100 ग्राम चांदी खरीदने वालों को अब ₹41,000 चुकाने होंगे, जबकि कल यही राशि ₹38,000 थी।
- किलोग्राम का भाव: एक किलोग्राम चांदी की ईंट अब ₹4.10 लाख की हो गई है, जिसने औद्योगिक जगत और गहना निर्माण उद्योग को सदमे में डाल दिया है।
तेजी के पीछे की कहानी: आखिर क्यों भड़की आग ?
सर्राफा विशेषज्ञों और कमोडिटी एनालिस्ट्स के अनुसार, इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं। पहला, इंडस्ट्रियल डिमांड—सौर ऊर्जा (सॉलर पैनल) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है, जिससे इसकी मांग आपूर्ति से कई गुना अधिक हो गई है। दूसरा, सेफ हेवन इन्वेस्टमेंट—वैश्विक शेयर बाजारों में मची उथल-पुथल के कारण निवेशक अब नकदी के बजाय चांदी और सोने जैसी धातुओं को सुरक्षित मान रहे हैं।
आधिकारिक और वैधानिक स्थिति :
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा निर्धारित यह दरें बेस प्राइस हैं। आधिकारिक तौर पर इसमें 3% GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। वर्तमान कानून के तहत, इतनी बड़ी राशि के लेनदेन के लिए पैन कार्ड और आधार कार्ड अनिवार्य हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि यह तेजी इसी तरह जारी रही, तो सरकार को आयात शुल्क (Import Duty) की समीक्षा करनी पड़ सकती है ताकि घरेलू कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
