नई दिल्ली: सरकारी खजाना भरने की तैयारी, IRFC में हिस्सेदारी बिक्री शुरू

बुधवार, 25 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में रेलवे की प्रमुख वित्तीय कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) चर्चा का केंद्र बनी हुई है। केंद्र सरकार ने इस सरकारी कंपनी (PSU) में अपनी 4% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जा रही है, जिसकी शुरुआत आज से हो गई है।

इस खबर के आते ही शेयर बाजार में IRFC के शेयरों पर दबाव देखा गया और कंपनी के शेयरों में 4% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

क्या है सरकार का पूरा प्लान?

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अनीश चावला के अनुसार, सरकार IRFC में कुल 4% इक्विटी शेयर बेचने का प्रस्ताव लेकर आई है। इसमें 2% का 'बेस ऑफर' है और बाकी 2% 'ग्रीन शू ऑप्शन' (अतिरिक्त मांग पूरी करने का विकल्प) के तहत रखा गया है।

• फ्लोर प्राइस (न्यूनतम कीमत): सरकार ने इस सेल के लिए ₹104.00 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है।

• कुल लक्ष्य: इस 4% हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार लगभग ₹5,430 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रख रही है।

• शेयरों की संख्या: सरकार कुल 52.27 करोड़ (26.13 करोड़ बेस + 26.13 करोड़ अतिरिक्त) शेयर बेचने का प्रस्ताव कर रही है।


शेयर बाजार पर असर: निवेशकों में हलचल

OFS की खबर और फ्लोर प्राइस के मौजूदा बाजार भाव से कम होने के कारण बुधवार को IRFC के शेयरों में बिकवाली देखी गई।

1. NSE पर गिरावट: कंपनी का शेयर 4.22% तक गिरकर ₹104.82 के निचले स्तर पर पहुंच गया।

2. BSE पर स्थिति: शेयर ₹109.40 पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र के मुकाबले 2.19% कम रहा।

आमतौर पर जब सरकार बाजार भाव से कम कीमत (डिस्काउंट) पर OFS लाती है, तो बाजार में शेयर की कीमत फ्लोर प्राइस के करीब आने की कोशिश करती है।


कब और कौन कर सकता है बोली?

सरकार ने इस हिस्सेदारी बिक्री के लिए दो अलग-अलग दिन तय किए हैं:

• बुधवार (25 फरवरी): यह दिन गैर-रिटेल निवेशकों (संस्थागत निवेशकों) के लिए सुरक्षित रखा गया है।

• गुरुवार (26 फरवरी): कल से रिटेल निवेशक (आम जनता) इस OFS में अपनी बोली लगा सकेंगे।


सरकार की हिस्सेदारी में कितना बदलाव आएगा?

वर्तमान में IRFC में सरकार की कुल हिस्सेदारी 86.36% है। इस 4% की सफल बिक्री के बाद, कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी घटकर 82.36% रह जाएगी। सरकार यह कदम सेबी (SEBI) के सार्वजनिक शेयरधारिता नियमों के करीब पहुंचने और फंड जुटाने के उद्देश्य से उठा रही है।


IRFC का मुख्य काम क्या है?

IRFC रेल मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। इसका मुख्य कार्य रेलवे के विस्तार और परिचालन के लिए पूंजी बाजारों से वित्तीय संसाधन जुटाना है। यह भारतीय रेलवे की वित्तीय रीढ़ की तरह काम करती है और रेल कोच, इंजन व अन्य संपत्तियों की लीजिंग का प्रबंधन करती है।


प्रमुख आंकड़े एक नज़र में:


विवरण

आंकड़े/जानकारी

कुल हिस्सेदारी

बिक्री 4% (2% बेस + 2% ग्रीन शू)

फ्लोर प्राइस

₹104.00 प्रति शेयर

फंड जुटाने का लक्ष्य

₹5,430 करोड़

रिटेल निवेशकों के लिए तारीख

26 फरवरी 2026

वर्तमान सरकारी होल्डिंग

86.36%

IRFC का OFS उन निवेशकों के लिए एक मौका हो सकता है जो लंबी अवधि के लिए रेलवे क्षेत्र में सरकारी कंपनी के साथ जुड़ना चाहते हैं। हालांकि, फ्लोर प्राइस और बाजार में आई गिरावट यह संकेत देती है कि अल्पावधि में स्टॉक में थोड़ा उतार-चढ़ाव रह सकता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

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