झूम उठा दलाल स्ट्रीट: सेंसेक्स ने लगाई 1000 अंकों की छलांग, रिकॉर्ड तोड़ मजबूती के साथ रुपया भी हुआ बलवान!
पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों के बीच घरेलू शेयर बाजार के दोनों सूचकांक भारी बढ़त के साथ खुले, जबकि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 60 पैसे मजबूत हुआ।

बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी सूचकांकों में दर्ज की गई रिकॉर्ड बढ़ोतरी को दर्शाता एक प्रतीकात्मक ग्राफिक्स चार्ट।
वैश्विक मोर्चे से आ रहे सकारात्मक संकेतों और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने तथा शांति बहाली की उभरती उम्मीदों ने भारतीय वित्तीय बाजारों को एक नई ऊर्जा से भर दिया है। लंबे समय से बने अनिश्चितता के बादलों के छंटने की संभावनाओं के बीच आज घरेलू शेयर बाजार ने कारोबार की शुरुआत एक अभूतपूर्व और शानदार तेजी के साथ की। इस सकारात्मक भू-राजनीतिक बदलाव का सीधा असर मुंबई स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांकों पर देखने को मिला, जहां शुरुआती कारोबारी सत्र में ही चौतरफा लिवाली के दम पर बीएसई सेंसेक्स करीब 1000 अंकों की छलांग लगाने में कामयाब रहा। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की खबरों से निवेशकों के हौसले बुलंद हुए हैं, जिसका परिणाम दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त हरियाली के रूप में परिलक्षित हो रहा है।
बाजार के आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण करें तो सुबह के शुरुआती सत्र में शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक रिकॉर्ड स्तर की ओर अग्रसर दिखाई दिए। सुबह ठीक 9 बजकर 20 मिनट पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदनशील सूचकांक सेंसेक्स 981.88 अंक यानी 1.33 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 74,814.43 अंक के स्तर पर जा पहुंचा। बाजार का यह रुख साफ तौर पर दर्शाता है कि बड़े संस्थागत निवेशकों के साथ-साथ खुदरा निवेशकों ने भी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी पीछे नहीं रहा। शुरुआती कारोबार में निफ्टी करीब 275 अंक ऊपर ट्रेड करने के बाद कुछ ही मिनटों में 280 अंक यानी 1.21 प्रतिशत की जोरदार मजबूती के साथ 23,441.60 अंक के स्तर पर कारोबार करता हुआ देखा गया। सूचकांकों की यह गति दर्शाती है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की आंतरिक बुनियाद कितनी मजबूत बनी हुई है।
इस व्यापारिक सत्र की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि इक्विटी बाजार में आई इस बहार के समानांतर भारतीय मुद्रा ने भी विदेशी मुद्रा बाजार में शानदार प्रदर्शन किया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में ही 60 पैसे की भारी मजबूती हासिल करते हुए 95.25 के स्तर पर पहुंच गया। रुपए में आई यह रिकवरी न केवल कच्चे तेल के आयात बिल में संभावित कमी को दर्शाती है, बल्कि भारतीय बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के बढ़ते विश्वास को भी प्रमाणित करती है। मुद्रा बाजार और इक्विटी बाजार के इस दोहरे सकारात्मक प्रदर्शन ने समूचे भारतीय कॉर्पोरेट जगत के वित्तीय परिदृश्य को काफी हद तक मजबूत और स्थिर बना दिया है।
यदि व्यक्तिगत शेयरों के प्रदर्शन पर दृष्टि डाली जाए, तो आज सुबह सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 29 शेयर भारी बढ़त के साथ हरे निशान पर खुले, जो बाजार में व्यापक स्तर पर जारी खरीदारी का स्पष्ट प्रमाण है। शुरुआती कारोबार में विमानन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंडिगो के शेयरों में सबसे ज्यादा 3.29 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, बुनियादी ढांचा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, इटरनल, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी हैवीवेट कंपनियों के शेयरों में भी लिवाली का तगड़ा दौर देखा गया। इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों में आई मजबूती ने सूचकांक को ऊपर खींचने में मुख्य भूमिका निभाई। दूसरी ओर, केवल आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टेक महिंद्रा का शेयर मामूली गिरावट के साथ लाल निशान पर खुला, जिसे बाजार विश्लेषकों द्वारा सामान्य मुनाफावसूली के रूप में देखा जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम का सार यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की कोई भी पहल विकासशील देशों के वित्तीय बाजारों के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभरती है। पश्चिम एशिया में स्थिरता आने की संभावना से वैश्विक कमोडिटी बाजार और विशेष रूप से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद बढ़ जाती है। भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में यह स्थिति बेहद अनुकूल मानी जाती है क्योंकि इससे महंगाई पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजार न केवल अपनी इस बढ़त को बनाए रखने में सफल होंगे, बल्कि नए ऐतिहासिक शिखर को भी छू सकते हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
