शेयर मार्केट में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 400 अंक उछला और निफ्टी 23,300 के पार
शुरुआती कारोबार में रिलायंस के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी, वैश्विक तनाव के बीच डॉलर के मुकाबले रुपया 95.54 पर खुला।

मुंबई में एक निवेशक टैबलेट पर शेयर बाजार के सूचकांकों में हो रही बढ़ोतरी और हरे निशान के ग्राफ़िकल चार्ट का विश्लेषण करता हुआ।
नई दिल्ली: वैश्विक मोर्चे पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितताओं के बीच भारतीय घरेलू शेयर बाजार ने आज मजबूत शुरुआत करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी है। शुरुआती कारोबार में ही बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी50 इंडेक्स ने भी शानदार बढ़त बनाते हुए 23,300 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया। हालांकि, घरेलू बाजार की इस मजबूती के उलट अंतरराष्ट्रीय दबावों के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोरी के साथ खुला है। इस विरोधाभासी बाजार परिदृश्य ने आज वित्तीय विश्लेषकों और आम निवेशकों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
बाजार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सुबह पौने दस बजे के करीब बीएसई सेंसेक्स 430.61 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,349.37 अंक पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी वैश्विक दबाव को दरकिनार कर 114.45 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,356.55 अंक के स्तर पर पहुंच गया। इस बीच, मुद्रा बाजार से मिले संकेतों के मुताबिक रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.2 प्रतिशत की गिरावट लेकर 95.54 पर खुला, जो कि पिछले कारोबारी सत्र में 95.35 के स्तर पर बंद हुआ था। भारतीय मुद्रा पर दिखा यह दबाव काफी हद तक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूत होती स्थिति के कारण माना जा रहा है।
आज के इस तेजी के दौर का नेतृत्व देश की सबसे बड़ी मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने किया, जिसके शेयरों में शुरुआती सत्र में ही सर्वाधिक 1.5 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 22 शेयर हरे निशान के साथ खुले। रिलायंस के अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, इन्फोसिस, ट्रेंट, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, लार्सन एंड टुब्रो, एचडीएफसी बैंक और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने बाजार को ऊपर ले जाने में मुख्य भूमिका निभाई। इसके विपरीत, कुछ प्रमुख काउंटरों पर बिकवाली का दबाव भी साफ देखा गया। बजाज फिनसर्व, पावरग्रिड, टेक महिंद्रा, इटरनल, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, सन फार्मा और मारुति के शेयर आज लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
अगर व्यापक बाजार और सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में भी सुस्त मगर सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप में जहां 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त रही, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 0.25 प्रतिशत की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था। सेक्टर्स के लिहाज से एफएमसीजी क्षेत्र में सबसे शानदार प्रदर्शन देखा गया और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 1 प्रतिशत मजबूत हुआ। इसके साथ ही आईटी, प्राइवेट बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि मेटल और ऑटो इंडेक्स में आज सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
घरेलू बाजार में दिखी इस तेजी के बीच अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक गलियारे से आ रही खबरें बेहद चिंताजनक हैं, जिनका असर सीधे तौर पर कमोडिटी बाजार पर पड़ रहा है। अमेरिका द्वारा ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए जाने की खबर है, जिसके बाद ईरान ने भी अमेरिका को गंभीर सैन्य कार्रवाई की खुली चेतावनी दी है। यह विवाद तब और गहरा गया जब होर्मुज की खाड़ी में गश्त लगा रहा अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके पीछे ईरान का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। इस भू-राजनीतिक तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रुख है। ब्रेंट क्रूड 0.65 प्रतिशत बढ़कर 92.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की कीमत 1.31 प्रतिशत की बड़ी बढ़त के साथ 97.19 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है। आने वाले समय में यह वैश्विक तनाव भारतीय बाजार की इस शुरुआती तेजी को कितना प्रभावित करेगा, इस पर विशेषज्ञों की पैनी नजर बनी हुई है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
