आज शेयर बाजार में ऐतिहासिक उछाल-

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच सीजफायर की खबर ने वैश्विक और घरेलू वित्तीय बाजारों में उत्साह की नई लहर दौड़ दी है। इस सकारात्मक कूटनीतिक विकास के परिणामस्वरूप आज एशियाई बाजारों में भारी उछाल दर्ज किया गया, जिसका सीधा और व्यापक असर भारतीय दलाल स्ट्रीट पर भी देखने को मिल रहा है। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने एक ऐसी छलांग लगाई है जिसने निवेशकों के चेहरों पर चमक वापस ला दी है। बाजार खुलते ही प्री-ओपन सेशन में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी ने रिकॉर्ड स्तरों को छू लिया, जो वैश्विक शांति की दिशा में बढ़ते कदमों का एक स्पष्ट वित्तीय प्रतिबिंब है।

बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्री-ओपनिंग सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 2,800 अंकों से भी ज्यादा की ऐतिहासिक बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 इंडेक्स भी 24,000 अंकों के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। सुबह 9:08 बजे तक की स्थिति के अनुसार, सेंसेक्स 2,681.77 अंक यानी 3.59% की शानदार तेजी के साथ 77,298.35 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, निफ्टी-50 में भी 930.10 अंक यानी 4.02% की जोरदार वृद्धि देखी गई, जिसके बाद यह 24,053.75 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस अप्रत्याशित तेजी ने पिछले कुछ दिनों की सुस्ती और अनिश्चितता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।

इस उछाल की पृष्ठभूमि को समझना भी अनिवार्य है। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 509.73 अंक (0.69%) की तेजी के साथ 74,616.58 के स्तर पर और निफ्टी 155.40 अंक (0.68%) ऊपर 23,123.65 पर बंद हुआ था। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को लगातार चौथे दिन बाजार में बढ़त रही थी। हालांकि, पिछले तीन सत्रों के दौरान बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी और बाद के घंटों में रिकवरी देखी गई थी, लेकिन आज सीजफायर की खबर ने शुरुआती कारोबार से ही बाजार को जबरदस्त गति प्रदान की है। पश्चिम एशिया में युद्धविराम न केवल मानवीय दृष्टि से सुखद है, बल्कि यह कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में सुधार की उम्मीदों को भी बल देता है।

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैश्विक घटनाक्रम से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का भरोसा भारतीय बाजार में फिर से मजबूत होगा। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में संभावित गिरावट भारत जैसे बड़े आयातकों के लिए राजकोषीय राहत लेकर आएगी। बाजार में यह लगातार पांचवां दिन है जब तेजी का रुख बना हुआ है, जो यह संकेत देता है कि भारतीय बाजार बाहरी झटकों के बावजूद अपनी मजबूती बनाए रखने में सक्षम है।

निष्कर्षतः, पश्चिम एशिया में सीजफायर की खबर ने भारतीय शेयर बाजार के लिए एक 'बूस्टर डोज' का काम किया है। सेंसेक्स और निफ्टी में आया यह उछाल इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक स्थिरता का सीधा संबंध आर्थिक समृद्धि से है। आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या बाजार इन ऊंचे स्तरों को बरकरार रख पाता है। फिलहाल, दलाल स्ट्रीट पर उत्सव का माहौल है और निफ्टी का 24,000 के पार जाना भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति वैश्विक निवेशकों के अटूट विश्वास की पुष्टि करता है।

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Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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