भारतीय शेयर बाजार में पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद आज शुरुआती कारोबार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। वैश्विक बाजारों से मिले जुले संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रियता के चलते दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही रौनक छाई रही। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 500 अंकों से अधिक की छलांग लगाते हुए 75,680.28 अंक के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 इंडेक्स भी करीब 129 अंकों की बढ़त के साथ 23,783.70 अंक के स्तर पर पहुंच गया, जो 23,800 के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब है। बाजार में आई इस अचानक तेजी से निवेशकों की पूंजी में भारी इजाफा दर्ज किया गया है।

बाजार की इस तेजी को चौतरफा समर्थन मिला है। सेंसेक्स के प्रमुख 30 शेयरों में से 21 शेयर हरे निशान के साथ कारोबार कर रहे थे। ऑटोमोबाइल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मारुति सुजुकी के शेयरों में एक फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी लिवाली का माहौल देखा गया। दूसरी तरफ, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और एफएमसीजी क्षेत्र की चुनिंदा कंपनियों पर दबाव नजर आया। प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में आईटीसी, इन्फोसिस, टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो और पावरग्रिड शामिल रहे, जिनमें शुरुआती दौर में मुनाफावसूली देखी गई।

यदि व्यापक बाजार सूचकांकों (ब्रॉडर मार्केट्स) की बात करें, तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.10 फीसदी की मामूली बढ़त देखी गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.09 फीसदी की हल्की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टरवार प्रदर्शन के लिहाज से आज बैंकिंग और ऑटो सेक्टर बाजार को संभालने में सबसे आगे रहे। निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी ऑटो और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे सूचकांक को ऊपर जाने में मदद मिली। इसके विपरीत, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में बिकवाली का दबाव देखा गया और ये लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

इस बीच, मुद्रा बाजार से भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर आई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ है। शुरुआती कारोबार में रुपया 0.2 फीसदी की मजबूती के साथ 96 के स्तर से नीचे आ गया। इससे पहले पिछले सप्ताह लगातार नौ दिनों तक रुपये में गिरावट देखी गई थी, जिससे आयातकों की चिंताएं बढ़ गई थीं। हालांकि, गुरुवार के बाद आज शुक्रवार को भी रुपये में सुधार से आयात लागत में कमी आने की उम्मीद जगी है।

घरेलू मोर्चे पर सकारात्मक संकेतों के बीच वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने चिंताएं बढ़ा दी हैं। पश्चिम एशिया में एक बार फिर संकट गहरा गया है। ईरान की ओर से बयान आया है कि वह अपने संवर्धित यूरेनियम (एनरिच्ड यूरेनियम) के भंडार को अपने देश के भीतर ही सुरक्षित रखना चाहता है। ईरान के इस कड़े रुख से अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही कूटनीतिक बातचीत खटाई में पड़ती दिख रही है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य और कूटनीतिक अभियानों का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करना है। हालांकि, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत अंतिम दौर में है, लेकिन इस नए घटनाक्रम ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। इस तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जहां ब्रेंट क्रूड 1.62 फीसदी की तेजी के साथ 104.2 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले समय में चुनौती बन सकता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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