पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक मोर्चे से आए एक सकारात्मक घटनाक्रम ने भारतीय शेयर बाजार को बड़ी संजीवनी दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की नई उम्मीदों के बीच घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक रिकॉर्ड तेजी के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 300 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर मजबूत स्थिति में पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी50 सूचकांक 23,700 अंक के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। बाजार में इस चौतरफा खरीदारी के पीछे वैश्विक ईंधन कीमतों में आई बड़ी गिरावट और आईटी सेक्टर के शेयरों में देखा गया भारी आकर्षण प्रमुख कारण माना जा रहा है।

कारोबारी सत्र की शुरुआत होते ही सुबह 9:24 बजे सेंसेक्स 353.44 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की मजबूती के साथ 75,668.48 अंक पर कारोबार करता हुआ देखा गया। इसी तरह निफ्टी भी पीछे नहीं रहा और इसने 102.35 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 23,752.30 अंक के स्तर को छू लिया। हालांकि, एक तरफ जहां शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा लौटता हुआ दिखा, वहीं दूसरी तरफ मुद्रा बाजार से कमजोर संकेत मिले। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार छठे कारोबारी दिन गिरावट के साथ खुला, जो व्यापक व्यापक आर्थिक परिदृश्य में नीति निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

बाजार की इस तेजी की कमान मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों ने संभाली। सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 21 शेयर हरे निशान के साथ खुले। देश की दिग्गज आईटी सेवा प्रदाता कंपनी इन्फोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई और इसका शेयर 3.02 प्रतिशत के उछाल के साथ खुला। इसके अलावा टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक, आईटीसी, बजाज फाइनेंस और अडानी पोर्ट्स जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने जमकर लिवाली की। इसके विपरीत, कुछ क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव भी देखने को मिला, जिसके चलते टाइटन, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावरग्रिड, बीईएल, भारती एयरटेल, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) की बात करें तो वहां भी सकारात्मक माहौल बना रहा। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.41 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.45 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। क्षेत्रीय सूचकांकों में निफ्टी आईटी सेक्टर लगभग 4 प्रतिशत की भारी तेजी के साथ शीर्ष प्रदर्शनकर्ता रहा। इसके अलावा निफ्टी केमिकल और निफ्टी एफएमसीजी सेक्टर ने भी बाजार के औसत प्रदर्शन से बेहतर परिणाम दिए। हालांकि, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्रों पर कुछ दबाव साफ दिखाई दिया, जिसके कारण निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांक गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

इस अप्रत्याशित और तीव्र तेजी के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह आधिकारिक बयान है, जिसने वैश्विक बाजारों की दिशा बदल दी। राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि मिडिल ईस्ट के विभिन्न नेताओं के विशेष अनुरोध पर उन्होंने फिलहाल ईरान के खिलाफ की जाने वाली सैन्य कार्रवाई को रोक दिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ईरान के साथ एक ऐसा नया राजनयिक समझौता किया जाएगा, जो न केवल अमेरिका बल्कि पश्चिम एशिया के अन्य सभी देशों को भी पूरी तरह स्वीकार्य होगा। इस बयान के सार्वजनिक होते ही वैश्विक कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तत्काल गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.89 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया, जिससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए व्यापार घाटा कम होने की उम्मीदें बलवती हो गईं।

विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई यह कमी और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक स्थिरता के संकेत भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक हैं। हालांकि, मुद्रा बाजार में रुपये की लगातार आ रही कमजोरी और निजी बैंकों के शेयरों में बिकवाली अल्पकालिक रूप से बाजार की गति को सीमित कर सकती है। आगामी दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक वार्ताओं और वैश्विक संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के रुख पर निर्भर करेगी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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