बीते कारोबारी सत्र (मंगलवार) में शेयर बाजार में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था, जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव, तेल की बढ़ती कीमतों, बॉन्ड यील्ड में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसी वजहों से निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए थे। उस दिन सेंसेक्स 1.04% यानी 777.94 अंक टूटकर लाल निशान में 74,003.82 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 1.19% यानी 279.50 अंक लुढ़ककर 23,118.60 पर आ गया था। दिन के दौरान सेंसेक्स अपने उच्च स्तर 75,436.44 से लगभग 1430 अंक नीचे गिर गया था। उस सत्र में घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 2,686 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी, जबकि विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 2,978 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली की थी।

इसके उलट, आज बुधवार को शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला है। शुरुआती कारोबार में 50 शेयरों वाला सेंसेक्स 450 अंक चढ़कर 74,249.31 पर खुला, जबकि निफ्टी हरे निशान में 23,576.15 पर खुला। सुबह करीब 9 बजकर 56 मिनट पर सेंसेक्स 368.88 अंकों (0.50%) की तेजी के साथ 74,372.70 पर कारोबार कर रहा था, और निफ्टी 96.30 अंकों (0.42%) की बढ़त के साथ 23,214.90 पर ट्रेड कर रहा था। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 में तेजी और 6 में गिरावट दर्ज की गई।

इस शुरुआती कारोबार में टॉप गेनर्स और लूजर्स की स्थिति इस प्रकार रही:

  • टॉप गेनर्स: कोटक महिंद्रा बैंक (1.32%), टीसीएस (1.09%), टेक महिंद्रा (0.89%), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (0.87%), और अडानी पोर्ट्स (0.77%) रहे।
  • टॉप लूजर्स: मारुति (0.31%), एनटीपीसी (0.24%), एचडीएफसी बैंक (0.23%), एशियन पेंट्स (0.04%), और बजाज फाइनेंस (0.04%) रहे।

आने वाले समय में बाजार की चाल कैसी रहेगी, इसे लेकर मार्केट एक्सपर्ट्स सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार और अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता संघर्ष घरेलू शेयर बाजार को आगे भी परेशान कर सकता है। अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड यील्ड का 5% के मनोवैज्ञानिक स्तर तक पहुंचना ग्लोबल इक्विटी मार्केट पर पहले से दबाव बना रहा है। इसके अलावा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्गों के बाधित होने की आशंका से मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर दबाव बना रहेगा, जो आगे भी बाजार को झटके दे सकता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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