शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान एक बेहद अजीबोगरीब और अनूठा नजारा देखने को मिला, जिसने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया। अमूमन भारतीय शेयर बाजार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 एक ही दिशा में कारोबार करते हैं और दोनों की चाल एक जैसी होती है। लेकिन लगातार चार सत्रों की शानदार तेजी के बाद जब आज बाजार खुला, तो दोनों प्रमुख सूचकांक पूरी तरह से विपरीत दिशा में जाते हुए दिखाई दिए। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स में जहां 200 अंकों से अधिक की जोरदार तेजी दर्ज की गई, वहीं निफ्टी इसके उलट लगभग इतने ही अंकों की भारी गिरावट के साथ नीचे फिसल गया।

बाजार जानकारों के अनुसार, इस अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह सोमवार से लागू हुआ नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) फ्रेमवर्क है। नए नियमों के प्रभावी होने के बाद सोमवार को बाजार बंद होने से ठीक पहले आखिरी दो मिनटों में निफ्टी में अभूतपूर्व उछाल आया था। आंकड़े बताते हैं कि सोमवार को दोपहर 3:28 बजे निफ्टी 24,573 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो महज दो मिनट बाद यानी 3:30 बजे 1.6 प्रतिशत की छलांग लगाकर सीधे 24,774 के स्तर पर पहुंच गया था। इस नए फ्रेमवर्क के प्रावधानों के तहत योग्य शेयरों में निरंतर ट्रेडिंग दोपहर 3:15 बजे समाप्त हो जाती है और इसके बाद बाजार अगले 20 मिनट के विशेष ऑक्शन सत्र में चला जाता है, जिसके आधार पर अंतिम क्लोजिंग स्तर तय किए जाते हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था के लॉन्च के पहले ही दिन इस ऑक्शन सत्र में बाजार की तरफ से जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली, जिसमें 515 ट्रेडिंग मेंबर्स ने 56,773 यूनिक पैन के लिए अपने ऑर्डर्स दर्ज किए। एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और सीईओ हरिसेलवन राधाकृष्णन का कहना है कि इस नई व्यवस्था के कारण सत्र के अंतिम क्षणों में बाजार का उतार-चढ़ाव काफी बढ़ सकता है। इसकी मुख्य वजह यह है कि अब क्लोजिंग कीमतें बड़े संस्थागत प्रवाह, आक्रामक खरीदारी, शॉर्ट-कवरिंग और दिग्गज हैवीवेट शेयरों में होने वाली री-पोजिशनिंग के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो चुकी हैं।

हालांकि, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने स्पष्ट किया है कि सोमवार को निफ्टी में आई यह भारी तेजी पूरी तरह से नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन फ्रेमवर्क की वजह से उत्पन्न एक अस्थायी और असामान्य घटना थी। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि इस तरह के तकनीकी बदलावों और उतार-चढ़ाव पर बहुत अधिक घबराने या ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बाजार जल्द ही अपनी सामान्य स्थिति और नियमित चाल में लौट आएगा। कारोबार के आगे बढ़ने के साथ बाजार के संकेतकों ने यह साबित भी किया, जहां सुबह के सत्र में सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ हरे निशान पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी शुरुआती झटकों से उबरने के लिए संघर्षरत नजर आया। यह नया सुधार भले ही शुरुआती दौर में असमंजस पैदा कर रहा हो, लेकिन यह आने वाले समय में बाजार की क्लोजिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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