भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। वैश्विक संकेतों में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के बीच निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर देखने को मिला। दिनभर के कारोबार में खरीदारी का माहौल बना रहा और प्रमुख सूचकांक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तरों को पार करने में सफल रहे। इस तेजी का नेतृत्व मुख्य रूप से आईटी क्षेत्र के शेयरों ने किया, जबकि ऊर्जा लागत को लेकर चिंताओं में कमी आने से बाजार धारणा और मजबूत हुई।

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 208.70 अंकों यानी 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,013.18 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 56.60 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 24,045.75 पर पहुंच गया। पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में लगभग 4 प्रतिशत और निफ्टी में 3.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है, जो बाजार में लगातार बढ़ते निवेशक विश्वास को दर्शाती है।

बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। ब्रेंट क्रूड का भाव घटकर करीब 78.6 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो पिछले तीन महीनों का निचला स्तर माना जा रहा है। यह गिरावट अमेरिका द्वारा ईरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंधों में ढील दिए जाने और अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद देखने को मिली। भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में कमी को अर्थव्यवस्था और बाजार दोनों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

आईटी सेक्टर ने पूरे दिन बाजार की दिशा तय की। निवेशकों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले से पहले तकनीकी कंपनियों में जमकर खरीदारी की। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। बाजार को उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है, जिससे तकनीकी कंपनियों को फायदा मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो 16 प्रमुख सेक्टोरल सूचकांकों में से 11 हरे निशान में बंद हुए। आईटी, कंज्यूमर टेक्नोलॉजी और चुनिंदा वित्तीय कंपनियों से जुड़े शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला, जहां मिडकैप इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

व्यक्तिगत शेयरों में डिक्सन टेक्नोलॉजीज और पाइन लैब्स प्रमुख आकर्षण रहे। डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयर में 3.6 प्रतिशत और पाइन लैब्स में 3.8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस और इंफोसिस ने भी बाजार को मजबूती प्रदान की। दूसरी ओर एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों पर दबाव बना रहा और इनमें कमजोरी देखने को मिली।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी का 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बंद होना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है तो आने वाले सत्रों में 24,200 से 24,300 के स्तर तक बढ़ने की संभावना बन सकती है। वहीं, 23,900 से 23,950 का दायरा तत्काल समर्थन क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल सकारात्मक लेकिन सतर्क आशावाद का माहौल बना हुआ है। निवेशक घटती तेल कीमतों और बेहतर वैश्विक संकेतों से उत्साहित हैं, लेकिन उनकी नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यही कारक बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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