भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तूफानी तेजी ; सेंसेक्स 76,808 पर बंद, निफ्टी 24,000 के करीब
भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 76,808 अंक और निफ्टी 23,989 के स्तर पर बंद हुआ। अमेरिका-ईरान शांति समझौते, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की वापसी और आईटी-बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी।

मुंबई स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई)
भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती दर्ज करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की वापसी के बीच घरेलू बाजारों में खरीदारी का माहौल बना रहा। इसी के परिणामस्वरूप बीएसई सेंसेक्स 76,800 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया, जबकि निफ्टी 50 भी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब पहुंचकर बंद हुआ।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 544 अंकों यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,808.48 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 ने 136 अंकों यानी 0.57 प्रतिशत की तेजी दर्ज करते हुए 23,989.15 के स्तर पर कारोबार समाप्त किया। बैंकिंग, वित्तीय और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने भी लगभग 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।
बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक शांति समझौते को माना जा रहा है। इस समझौते के बाद वैश्विक बाजारों में यह आशंका कम हुई कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न होगा। तनाव कम होने के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिससे महंगाई संबंधी चिंताएं घटीं और वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक माना जाता है।
घरेलू बाजार को समर्थन देने वाला दूसरा बड़ा कारक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की वापसी रही। लगातार 13 कारोबारी सत्रों तक बिकवाली करने के बाद विदेशी निवेशक एक बार फिर खरीदारी के पक्ष में दिखाई दिए। बाजार में लगभग 200 करोड़ रुपये की शुद्ध विदेशी निवेश आमद दर्ज की गई, जिससे बड़े शेयरों में निवेशकों का विश्वास बढ़ा और बाजार को अतिरिक्त मजबूती मिली।
वैश्विक बाजारों से भी भारतीय निवेशकों को सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए। अमेरिका का नैस्डैक सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जबकि एसएंडपी 500 और डाउ जोंस भी मजबूती के साथ बंद हुए। एशियाई बाजारों में जापान और दक्षिण कोरिया सहित कई प्रमुख सूचकांकों में तेजी देखने को मिली, जिसका सकारात्मक प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र सबसे मजबूत रहा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और टेक महिंद्रा जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में उल्लेखनीय खरीदारी देखने को मिली। विशेष रूप से एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में कंपनी की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी पहलों को लेकर निवेशकों का उत्साह दिखाई दिया। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र ने भी बाजार की तेजी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई। विदेशी निवेशकों की वापसी का सबसे अधिक लाभ इसी क्षेत्र को मिला।
शेयरों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो सैफायर फूड्स इंडिया लगभग 5 प्रतिशत की तेजी के साथ प्रमुख गेनर्स में शामिल रहा। कंपनी को देवयानी इंटरनेशनल के साथ प्रस्तावित विलय को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद निवेशकों ने इसमें जमकर खरीदारी की। देवयानी इंटरनेशनल के शेयर भी करीब 2.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज भी निवेशकों के बीच चर्चा में रही। कंपनी के मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन, ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर सकारात्मक रुझान देखने को मिला।
हालांकि बाजार में सभी क्षेत्रों में तेजी नहीं रही। जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के शेयरों में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सरकार की ओर से रियायती मूल्य पर हिस्सेदारी बिक्री की घोषणा के बाद इस शेयर पर दबाव बना रहा। वहीं धातु क्षेत्र के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। हिंदाल्को और नेशनल एल्युमिनियम कंपनी के शेयर वैश्विक एल्युमिनियम कीमतों में गिरावट के कारण नुकसान में रहे।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार का समग्र रुझान फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, विदेशी निवेशकों की वापसी, मजबूत वैश्विक संकेत और घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिरता ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। अब बाजार की निगाहें निफ्टी के 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर पर टिकी हैं। यदि यह स्तर निर्णायक रूप से पार होता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। लगातार तीसरे दिन दर्ज हुई यह तेजी भारतीय शेयर बाजार में लौटते विश्वास और मजबूत निवेश धारणा का संकेत मानी जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
