भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को उतार–चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला, जहां दिन के मध्य सत्र में ही बाजार की रफ्तार थम गई। प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा और लगभग 238 अंकों की गिरावट दर्ज करते हुए 84,440.99 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट ऐसे समय आई जब वैश्विक संकेत स्पष्ट नहीं थे और निवेशक जोखिम लेने से बचते नजर आए।

दिन की शुरुआत अपेक्षाकृत स्थिर रही, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बाजार पर दबाव बढ़ता चला गया। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेतों और वहां की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर सीधे भारतीय बाजारों पर पड़ा। निवेशक वैश्विक मौद्रिक नीति की दिशा को लेकर आशंकित दिखे, जिसके चलते मुनाफावसूली का दौर तेज हो गया। इसका परिणाम यह रहा कि बाजार में खरीदारी की धार कमजोर पड़ गई और बिकवाली हावी हो गई।

सेंसेक्स में शामिल कई दिग्गज शेयरों में दबाव देखने को मिला। आईटी, ऑटो और चुनिंदा निजी बैंकिंग शेयरों में गिरावट ने बाजार की कमजोरी को और गहरा कर दिया। वहीं दूसरी ओर, कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में सीमित मजबूती जरूर दिखाई दी, लेकिन वे व्यापक बाजार की गिरावट को थामने में नाकाम रहे। बाजार की चौड़ाई कमजोर बनी रही, जहां गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से अधिक रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट तकनीकी और मौलिक दोनों कारणों का परिणाम है। एक ओर वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, तो दूसरी ओर घरेलू स्तर पर ऊंचे स्तरों पर पहुंच चुके बाजार में स्वाभाविक मुनाफावसूली देखी जा रही है। तकनीकी संकेतक भी फिलहाल सतर्कता बरतने का संकेत दे रहे हैं, जिससे निवेशकों का रुख रक्षात्मक बना हुआ है।

बाजार के जानकारों के अनुसार, निकट भविष्य में निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी रहेगी। यदि वैश्विक संकेतों में स्पष्टता आती है, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है। हालांकि, मौजूदा हालात में उतार–चढ़ाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

कुल मिलाकर, सेंसेक्स में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए एक संकेत है कि बाजार फिलहाल संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में जल्दबाजी के फैसलों से बचते हुए सतर्क रणनीति अपनाना जरूरी माना जा रहा है। आने वाले सत्रों में यह देखना अहम होगा कि बाजार इस दबाव से उबर पाता है या गिरावट का यह सिलसिला और गहराता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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