युद्ध की आहट से दहला शेयर बाजार; पश्चिम एशिया में तनाव के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य झड़प की खबरों के कारण बैंकिंग और ऑयल सेक्टर में बिकवाली से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई।

मुंबई में शेयर बाजार के सूचकांकों में गिरावट को दर्शाता हुआ डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड
Indian stock market crash today : वैश्विक राजनीति के अशांत गलियारों से उठी चिंगारी ने भारतीय शेयर बाजार के उत्साह को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। मंगलवार को दलाल स्ट्रीट पर तब हड़कंप मच गया जब पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित सैन्य झड़प की खबरों ने निवेशकों के हौसले पस्त कर दिए। पिछले एक महीने से जारी शांति और युद्धविराम के दावों के बीच, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हुई ताजा झड़पों ने ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार मार्गों पर खतरे के बादल मंडरा दिए हैं। इस अनिश्चितता का सीधा असर भारतीय सूचकांकों पर पड़ा, जहाँ बिकवाली के भारी दबाव ने बाजार को लाल निशान में धकेल दिया।
दिन के कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही महत्वपूर्ण स्तरों से नीचे फिसल गए। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 86.50 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,032.80 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 251.61 अंक या 0.33 प्रतिशत का गोता लगाकर 77,017.79 के स्तर पर सिमट गया। बाजार की इस गिरावट ने न केवल निवेशकों की संपत्ति में सेंध लगाई, बल्कि पिछले सत्र में हासिल की गई बढ़त को भी पूरी तरह स्वाहा कर दिया। बैंकिंग, रियल्टी और ऑयल एंड गैस जैसे प्रमुख सेक्टर इस बिकवाली की मार झेलने में सबसे आगे रहे, जो वैश्विक आर्थिक विकास की धीमी गति और तेल बाजार की अस्थिरता को लेकर गहरी चिंता प्रकट करते हैं।
बाजार के भीतर मचे इस हाहाकार के बीच ऑटो और एफएमसीजी (FMCG) शेयरों ने ढाल बनकर सूचकांकों को और अधिक गिरने से बचाने की कोशिश की। व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) का रुख कुछ हद तक संतुलित नजर आया, जहाँ मिडकैप इंडेक्स में 0.17 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.28 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, मुख्य बाजार की धारणा पूरी तरह से सतर्क बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव न केवल तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा सकता है, बल्कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की आपूर्ति श्रृंखला भी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। यदि पश्चिम एशिया में स्थिति जल्द नहीं सुधरती, तो आने वाले दिनों में भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव का यह दौर और अधिक गहरा सकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
