online digital gold investment India : वित्तीय बाजार में डिजिटल गोल्ड की मांग लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन मार्केट रेगुलेटर SEBI की चेतावनी इस उछाल को रोकने में नाकाम रही है। इस साल जनवरी से नवंबर के बीच निवेशकों ने लगभग 12 टन डिजिटल गोल्ड खरीदा, जो पिछले साल के 8 टन के आंकड़े से कहीं अधिक है।

SEBI ने स्पष्ट किया था कि डिजिटल गोल्ड प्रोडक्ट्स इसके नियंत्रण में नहीं आते और यह कमोडिटी डेरिवेटिव्स के अंतर्गत भी सुरक्षित नहीं है। निवेशकों को आगाह किया गया कि अगर वे ऐसे ऐप्स या प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करते हैं जो SEBI के तहत रजिस्टर्ड नहीं हैं, तो किसी भी ऑपरेशनल दिक्कत या कंपनी दिवालिया होने पर उनका पैसा जोखिम में रहेगा।

हालांकि, युवाओं और नए निवेशकों के बीच डिजिटल गोल्ड ने एक आकर्षक विकल्प के रूप में अपनी जगह बनाई है। 1 रुपये से भी खरीद-बिक्री की सुविधा के कारण यह निवेशकों के लिए सुलभ और लोकप्रिय बन गया है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल और NPCI के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष डिजिटल गोल्ड में हुए लेन-देन का मूल्य लगभग 16,670 करोड़ रुपये आंका गया है।

इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल गोल्ड के लिए एक स्पष्ट और समग्र रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की आवश्यकता है, ताकि निवेशक सुरक्षित माहौल में इस नवाचार का लाभ उठा सकें। इस तेज़ी से बढ़ती मांग और नियमों की अनुपालना न करने के रुझान ने वित्तीय बाजार में डिजिटल गोल्ड को एक नई संवेदनशीलता और महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बना दिया है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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