शेयर बाजार में गिरावट के बीच इस स्टील कंपनी ने चौंकाया, मुनाफा 4 गुना बढ़ा और प्लांट विस्तार मंजूर|
रेटन टीएमटी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के परिणाम जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का मुनाफा 315.7% बढ़ा है और काडी प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी।

काडी गुजरात स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में टीएमटी बार उत्पादन और क्षमता विस्तार को छवि|
भारतीय शेयर बाजार में जारी गिरावट के माहौल के बीच टीएमटी स्टील बार बनाने वाली गुजरात की प्रमुख कंपनी रेटन टीएमटी लिमिटेड ने अपने शानदार वित्तीय परिणामों से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अपने आंकड़े जारी कर दिए हैं, जो निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक हैं। मुश्किल बाजार स्थितियों के बावजूद कंपनी के प्रदर्शन में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जिससे बाजार में इसकी मजबूत स्थिति का पता चलता है।
कंपनी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आलोच्य अवधि के दौरान कंपनी के शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 315.7 प्रतिशत की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी Q1FY27 में कंपनी का टैक्स चुकाने के बाद का शुद्ध मुनाफा यानी PAT बढ़कर 3.16 करोड़ रुपये हो गया है। एक साल पहले इसी समान तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा मात्र 0.76 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। मुनाफे में आई इस भारी-भरकम उछाल ने शेयर बाजार के जानकारों को भी चौंका दिया है।
हालांकि तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से प्राप्त होने वाला कुल रेवेन्यू 4.06 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 5.04 करोड़ रुपये था। इसके बावजूद कंपनी ने अपने खर्चों और प्रबंधन में बेहतरीन तालमेल बिठाते हुए मुनाफे के मोर्चे पर ऐतिहासिक छलांग लगाई है। इसके अलावा, कंपनी का एबिट्डा भी सालाना आधार पर 195.5 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 1.28 करोड़ रुपये से बढ़कर सीधे 3.79 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो कंपनी की मजबूत परिचालन क्षमता को दर्शाता है।
वित्तीय मोर्चे पर इस बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ कंपनी के निदेशक मंडल ने भविष्य की रणनीतिक योजनाओं को भी हरी झंडी दे दी है। कंपनी के बोर्ड ने गुजरात के काडी स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के क्षमता विस्तार संबंधी महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत काडी प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता को वर्तमान 45,000 टन से बढ़ाकर सीधे 75,000 टन किया जाएगा। हालांकि, कंपनी की ओर से अभी तक यह खुलासा नहीं किया गया है कि इस क्षमता विस्तार परियोजना को पूरी तरह लागू करने में कुल कितने करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम पर अपने विचार रखते हुए रेथन टीएमटी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर शालिन शाह ने कहा कि इस फाइनेंशियल ईयर में उनकी कंपनी ने एक बहुत ही शानदार शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि अपने वित्तीय प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाने के साथ-साथ कंपनी गुजरात के काडी स्थित संयंत्र में अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपिसिटी को भी तेजी से बढ़ा रही है। क्षमता में होने वाली यह यह वृद्धि उनके मैन्युफैक्चरिंग बेस को अत्यधिक मजबूत करेगी और भविष्य में टीएमटी स्टील सेगमेंट के तहत आने वाले नए कारोबारी मौकों का बेहतर फायदा उठाने के लिए कंपनी को पूरी तरह तैयार करेगी।
कंपनी के इन सकारात्मक परिणामों का असर इसके शेयरों की चाल पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बीएसई पर पिछले कारोबारी दिवस के दौरान रेटन टीएमटी के शेयर 21.01 रुपये के स्तर पर बंद हुए थे। आज बाजार की सुस्त शुरुआत के बीच यह शेयर 20.99 रुपये पर खुला, लेकिन जल्द ही लिवाली के समर्थन से ऊपर चढ़ते हुए 21.58 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गया। कारोबार के शुरुआती सत्र के दौरान इस शेयर में मामूली उतार-चढ़ाव भी देखा गया और यह नीचे में 20.95 रुपये तक फिसला, लेकिन सुबह के कारोबार के दौरान यह पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 0.62 फीसदी की बढ़त के साथ ट्रेड होता हुआ नजर आया।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
