रेप्को होम फाइनेंस लिमिटेड के निदेशक मंडल ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही एवं वित्तीय वर्ष FY 2025-26 के लिए भारतीय लेखा मानक (IND AS) के अनुसार तैयार वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान कर दी है। कंपनी के नतीजों में लोन बुक में वृद्धि के साथ-साथ परिसंपत्ति गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार दर्ज किया गया है, जो इसके स्थिर वित्तीय प्रदर्शन को दर्शाता है।

कंपनी की कुल लोन बुक 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 15,880 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष यह 14,492 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार कंपनी ने 9.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। वहीं 31 दिसंबर 2025 तक एयूएम (AUM) 15,394 करोड़ रुपये रहा। कंपनी की ऋण संरचना में गैर-वेतनभोगी वर्ग की हिस्सेदारी 53 प्रतिशत और वेतनभोगी वर्ग की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत दर्ज की गई। हाउसिंग लोन का हिस्सा 71 प्रतिशत जबकि होम इक्विटी उत्पादों का हिस्सा 29 प्रतिशत रहा। कंपनी द्वारा दिए गए सभी ऋण 100 प्रतिशत रिटेल श्रेणी में हैं।

परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर भी कंपनी ने सुधार दर्ज किया है। 31 मार्च 2026 तक सकल एनपीए (GNPA) 405 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष 473 करोड़ रुपये था। शुद्ध एनपीए (NNPA) घटकर 183 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 191 करोड़ रुपये था। GNPA अनुपात 2.55 प्रतिशत और NNPA अनुपात 1.17 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष क्रमशः 3.26 प्रतिशत और 1.32 प्रतिशत था। कंपनी ने अपेक्षित क्रेडिट हानि (ECL) के लिए 343 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो कुल ऋण परिसंपत्तियों का 2.2 प्रतिशत है। स्टेज-3 परिसंपत्तियों पर कवरेज अनुपात 55 प्रतिशत दर्ज किया गया।

FY26 बनाम FY25 प्रदर्शन में कंपनी ने कई क्षेत्रों में वृद्धि दर्ज की है। ऋण स्वीकृति 4,519 करोड़ रुपये रही, जो FY25 में 3,519 करोड़ रुपये थी, यानी 28 प्रतिशत की वृद्धि। ऋण वितरण 4,148 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 3,284 करोड़ रुपये था, जिसमें 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कुल आय 1,798 करोड़ रुपये रही, जो FY25 में 1,715 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज आय (NII) 812 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष 746 करोड़ रुपये थी, इसमें 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। शुद्ध लाभ 453 करोड़ रुपये रहा, जबकि FY25 में यह 449 करोड़ रुपये था। लोन स्प्रेड 3.3 प्रतिशत पर स्थिर रहा। FY26 में रिटर्न ऑन एसेट (ROA) 3.0 प्रतिशत और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 13.0 प्रतिशत रहा, जबकि FY25 में यह क्रमशः 3.2 प्रतिशत और 14.7 प्रतिशत था।

Q4 FY26 बनाम Q4 FY25 में भी कंपनी के प्रदर्शन में मजबूती देखी गई। ऋण स्वीकृति 1,320 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष 1,059 करोड़ रुपये थी, यानी 25 प्रतिशत वृद्धि। ऋण वितरण 1,186 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष 975 करोड़ रुपये था। कुल आय 454 करोड़ रुपये रही, जो Q4 FY25 में 425 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज आय 207 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष 178 करोड़ रुपये थी, इसमें 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई। शुद्ध लाभ 129 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष समान तिमाही में यह 125 करोड़ रुपये था। लोन स्प्रेड 3.6 प्रतिशत रहा। ROA 3.4 प्रतिशत और ROE 14.9 प्रतिशत दर्ज किया गया।

Q4 FY26 बनाम Q3 FY26 तुलना में ऋण स्वीकृति 1,320 करोड़ रुपये रही, जो Q3 FY26 में 1,087 करोड़ रुपये थी। ऋण वितरण 1,186 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 1,064 करोड़ रुपये था। कुल आय 454 करोड़ रुपये रही, जो Q3 FY26 में 457 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज आय 207 करोड़ रुपये दर्ज की गई। शुद्ध लाभ 129 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही में 109 करोड़ रुपये था। ROA और ROE क्रमशः 3.4 प्रतिशत और 14.9 प्रतिशत रहे।

कंपनी का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (Capital Adequacy Ratio) 35.38 प्रतिशत रहा, जबकि नियामकीय न्यूनतम सीमा 15 प्रतिशत निर्धारित है। 31 मार्च तक कंपनी का नेटवर्क 210 शाखाओं और 32 सैटेलाइट सेंटरों का रहा, जो तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान तथा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विस्तृत है। वित्तीय अनुशासन, परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार और मजबूत पूंजी स्थिति के साथ कंपनी ने अपने परिचालन प्रदर्शन को और सुदृढ़ किया है।

Pratahkal Bureau

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