भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को एक प्रशासनिक चेतावनी जारी की है। यह मामला कंपनी के शेयरों में इनसाइडर ट्रेडिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन से संबंधित है। बाजार नियामक ने अपनी जांच में पाया कि कंपनी के दो कर्मचारियों और एक कर्मचारी के करीबी रिश्तेदार ने उस समय कंपनी के शेयरों में कारोबार किया था, जब उनके पास अप्रकाशित मूल्य-संवेदनशील जानकारी (यूपीएसआई) मौजूद थी। यह चेतावनी रिलायंस के कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर को भेजी गई है। रिलायंस को यह पत्र 6 जुलाई को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के माध्यम से प्राप्त हुआ, जिसके बाद कंपनी ने तुरंत स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया। रिलायंस ने इसे एक एहतियाती कदम बताते हुए स्पष्ट किया कि इसका कंपनी के वित्तीय या परिचालन कामकाज पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

सेबी ने 1 जून 2024 से 30 अगस्त 2024 के बीच रिलायंस के शेयरों में हुई ट्रेडिंग की विस्तृत समीक्षा की थी। इस दौरान नियामक ने 'सेबी इनसाइडर ट्रेडिंग निषेध विनियम, 2015' के पालन की जांच की। जांच के दौरान तीन व्यक्तियों की पहचान हुई जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया। इनमें हर्ष जैन शामिल हैं, जिन्होंने 5 जुलाई 2024 को 6,385 रुपये में रिलायंस के दो शेयर खरीदे थे। इसके अलावा कामिनी जैन, जो एक कर्मचारी की करीबी रिश्तेदार हैं, उन्होंने 10 जुलाई को 1,09,695.25 रुपये में 35 शेयर बेचे और अगले ही दिन 11 जुलाई को 78,871.25 रुपये में 25 शेयर खरीदे। तीसरी व्यक्ति हिराई उमंग दोषी हैं, जिन्होंने 18 जुलाई को 47,625 रुपये में 15 शेयर बेचे थे।

नियामक ने स्पष्ट किया है कि ये लेनदेन इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के विनियम 4(1) और सेबी अधिनियम की धारा 12ए (डी) व 12ए (ई) का उल्लंघन हैं। सेबी ने इस बात पर असंतोष व्यक्त किया कि कंपनी को इन लेनदेन की जानकारी तब मिली जब नियामक ने उन्हें सूचित किया। सेबी ने रिलायंस को भविष्य में अधिक सतर्क रहने और नियमों के कड़े पालन की सलाह दी है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। नियामक ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो सेबी अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह सेबी द्वारा उठाई गई चिंताओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। फिलहाल कंपनी ने उन कर्मचारियों या उनके रिश्तेदारों के खिलाफ किसी भी तरह की आंतरिक दंडात्मक कार्रवाई का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। यह घटनाक्रम कॉर्पोरेट प्रशासन और नियामक अनुपालन के महत्व को रेखांकित करता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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