LPG सप्लाई का नया कीर्तिमान; 48 घंटों में 87 लाख से अधिक सिलेंडरों की रिकॉर्ड डिलीवरी
पेट्रोलियम मंत्रालय ने दो दिनों में 87.28 लाख एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की है और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में 2100 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई है।

भारत में एक सड़क पर साइकिल रिक्शा के जरिए घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति करता हुआ एक डिलीवरी मैन। पेट्रोलियम मंत्रालय ने देशभर में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की है।
LPG Cylinder Supply News India : वैश्विक उथल-पुथल और पश्चिम एशिया के गहराते संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और वितरण प्रणाली की मजबूती का लोहा मनवाया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले महज 48 घंटों के भीतर देशभर में रिकॉर्ड 87.28 लाख घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति की गई है। यह उपलब्धि उस समय हासिल हुई है जब बाजार में मांग का भारी दबाव देखा जा रहा था, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस दौरान करीब 88.82 लाख सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज की गई। सरकार की इस मुस्तैदी ने न केवल घरेलू ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की है, बल्कि जमाखोरों और कालाबाजारी करने वाले तत्वों के मंसूबों पर भी पानी फेर दिया है।
वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंत्रालय ने एक अत्याधुनिक प्रमाणीकरण प्रणाली को लागू किया है। आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 95 प्रतिशत सिलेंडरों की आपूर्ति उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए वन-टाइम पासवर्ड (OTP) या प्रमाणीकरण कोड के आधार पर की गई। इस कदम का मुख्य उद्देश्य वितरण के स्तर पर होने वाली संभावित गड़बड़ियों और अवैध बिक्री को जड़ से खत्म करना है। उल्लेखनीय है कि आज के दौर में गैस बुकिंग की प्रक्रिया लगभग पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है, जिसका स्तर 99 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी गैस एजेंसी में आपूर्ति की कमी की कोई स्थिति मौजूद नहीं है।
इस व्यापक अभियान के दौरान केवल घरेलू ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक और प्रवासी श्रमिकों की जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। पिछले दो दिनों में 5 किलोग्राम वाले करीब 1.2 लाख छोटे सिलेंडरों की बिक्री हुई, जिसे बढ़ावा देने के लिए तेल कंपनियों ने 10 हजार से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। इसके साथ ही, 15,900 मीट्रिक टन से अधिक व्यावसायिक गैस की बिक्री भी दर्ज की गई। दूसरी ओर, कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए सरकार ने प्रवर्तन की कमान संभालते हुए मंगलवार को देशभर में 2,100 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। इस कड़ी कार्रवाई के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाली 366 गैस एजेंसियों पर भारी जुर्माना लगाया गया और 75 एजेंसियों का संचालन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
मंत्रालय ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए यह भी साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग यानी घबराकर अतिरिक्त खरीदारी करने से बचें। प्रशासन की यह सक्रियता और सख्त निगरानी दर्शाती है कि विपरीत वैश्विक परिस्थितियों में भी भारत अपने नागरिकों की रसोई और परिवहन की जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
