RBI repo rate reduction 2025 : भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आज अपनी रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती कर इसे 5.5% से घटाकर 5.25% कर दिया। केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने सुबह घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम विकास को बढ़ावा देने और रुपये में गिरावट की संभावनाओं को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।

यह निर्णय आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद सर्वसम्मति से लिया गया, जो हर दो महीने में केंद्रीय बैंक की रणनीति निर्धारित करने के लिए आयोजित की जाती है। MPC ने जून में मुद्रास्फीति में नरमी को देखते हुए प्रमुख ऋण दर को 6% से घटाकर 5.5% किया था। रेपो दर में इस नई कटौती से खुदरा ऋणधारकों के लिए आवास और वाहन ऋण सस्ते होने की संभावना है।

आरबीआई ने मुद्रास्फीति और विकास के आंकड़ों का भी हवाला देते हुए कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित 2% पर रहेगी। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए मुद्रास्फीति 3.9% रहने का अनुमान है, जो पहले के 4.5% के पूर्वानुमान से कम है। कीमती धातुओं की कीमतों में वृद्धि से CPI में हल्का असर पड़ सकता है।

विकास के मामले में, RBI ने चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का पूर्वानुमान 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। चालू तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान भी पहले के 6.4% के मुकाबले बढ़कर 6.7% कर दिया गया। पिछली तिमाही में GDP वृद्धि 8.2% रही, जो छह तिमाहियों में उच्चतम रही।

रेपो दर के अलावा, MPC ने स्थायी जमा सुविधा (SDF) को 5% और सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) को 5.5% पर समायोजित किया। इसके साथ ही, RBI ने खुले बाजार परिचालन (OMO) के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये मूल्य के बांड खरीदने का निर्णय लिया, जिससे मौद्रिक संचरण में आसानी और पर्याप्त तरलता उपलब्ध होगी।

संजय मल्होत्रा ने कहा कि बीते वर्ष में भू-राजनीतिक और व्यापार अनिश्चितताओं के बावजूद विकास मजबूत रहा और मुद्रास्फीति सौम्य बनी। RBI का रुख तटस्थ बना हुआ है, वित्तीय मानदंड मजबूत हैं और खुदरा ऋण वृद्धि को निरंतर समर्थन मिल रहा है।

इस निर्णय से ऋणग्रस्त नागरिकों और व्यवसायों को राहत मिलने की उम्मीद है, और मौद्रिक नीति के माध्यम से आर्थिक विकास और स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में RBI ने ठोस कदम उठाए हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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