भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अपनी सुदृढ़ उपस्थिति और व्यापक नेटवर्क के साथ Punjab & Sind Bank आज एक विश्वसनीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में स्थापित है। 30 जून 2025 तक देशभर में फैली इसकी 1817 शाखाएं और 25 जोनल कार्यालय इसे ग्रामीण से लेकर शहरी भारत तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में सक्षम बनाते हैं। खासतौर पर पंजाब राज्य में इसकी 635 शाखाओं की मजबूत मौजूदगी इसे क्षेत्रीय जड़ों से जुड़े रहने के साथ राष्ट्रीय विस्तार का संतुलन देती है, जिससे यह लाखों ग्राहकों के भरोसे का केंद्र बना हुआ है।

इस बैंक की कहानी औपनिवेशिक भारत के दौर से शुरू होती है, जब 24 जून 1908 को अमृतसर में भाई वीर सिंह, सर सुंदर सिंह मजीठिया और सरदार तरलोचन सिंह ने इसकी स्थापना की थी। उस समय इसका उद्देश्य पंजाब और सिंध क्षेत्र के लोगों को सुलभ बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना था। यह एक सामाजिक और आर्थिक पहल थी, जिसने धीरे-धीरे संस्थागत रूप लेकर एक मजबूत बैंकिंग संरचना का रूप धारण किया।

समय के साथ Punjab & Sind Bank ने अपने विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। 1960 के दशक में लंदन में शाखा खोलकर इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, हालांकि बाद में 1991 में इस शाखा का अधिग्रहण Bank of Baroda द्वारा कर लिया गया। 15 अप्रैल 1980 को भारत सरकार द्वारा दूसरे चरण के राष्ट्रीयकरण में शामिल किए जाने के बाद बैंक को नई दिशा और स्थिरता मिली, जिससे इसके विस्तार और विश्वसनीयता को और मजबूती मिली।

21वीं सदी में बैंक ने तेज विकास का अनुभव किया, खासकर 2004 के बाद इसकी सालाना वृद्धि दर 40 प्रतिशत से अधिक रही और इसका आईपीओ भी 50 गुना से ज्यादा ओवरसब्सक्राइब हुआ। हालांकि, बैंकिंग क्षेत्र की चुनौतियों से यह अछूता नहीं रहा। 2019 में भुशन पावर एंड स्टील लिमिटेड से जुड़े 238 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले ने इसकी साख को चुनौती दी, वहीं वित्तीय वर्षों में बढ़ते एनपीए और घाटे ने बैंक को पुनर्गठन की दिशा में कदम उठाने पर मजबूर किया।

वित्तीय प्रदर्शन के संदर्भ में, बैंक ने उतार-चढ़ाव का सामना करते हुए अपनी स्थिरता बनाए रखने की कोशिश की है। 2019-20 में जहां कुल कारोबार 1.52 लाख करोड़ रुपये के आसपास रहा, वहीं 990.80 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया गया। बढ़ते सकल एनपीए और नेट एनपीए के बावजूद बैंक ने अपनी पूंजी पर्याप्तता और संचालन क्षमता को बनाए रखने के लिए प्रावधान कवरेज अनुपात और पूंजी आधार को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित किया।

सेवाओं के मोर्चे पर Punjab & Sind Bank ने आधुनिक डिजिटल बैंकिंग को अपनाते हुए आधार पे, यूपीआई, भीम, इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग जैसी सुविधाओं को अपने ग्राहकों तक पहुंचाया है। एटीएम, डेबिट कार्ड, पीओएस मशीन और एसएमएस बैंकिंग जैसी सेवाओं के साथ यह बैंक पारंपरिक और डिजिटल बैंकिंग के बीच संतुलन बनाते हुए ग्राहकों को सुविधाजनक और सुरक्षित बैंकिंग अनुभव प्रदान कर रहा है। यही व्यापक सेवा दायरा, ऐतिहासिक विरासत और निरंतर सुधार की प्रतिबद्धता इसे भारतीय बैंकिंग प्रणाली में एक भरोसेमंद नाम बनाती है।

Pratahkal Bureau

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