₹5,225 करोड़ की कमाई और डिविडेंड का धमाका ; पंजाब नेशनल बैंक के निवेशकों के लिए बड़ी खबर
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने Q4 FY26 में 14.4% की बढ़त के साथ ₹5,225 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, लेकिन शुद्ध ब्याज आय में गिरावट और मार्जिन दबाव के कारण शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। डिविडेंड घोषणा के बावजूद बाजार में मिला-जुला रुख बना रहा।

पंजाब नेशनल बैंक की एक शाखा का बाहरी दृश्य
भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की प्रमुख सार्वजनिक इकाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें बैंक के शुद्ध लाभ में 14.4 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि मजबूत मुनाफे के बावजूद बैंक के शेयर बाजार प्रदर्शन में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसने निवेशकों के बीच मिश्रित रुझान पैदा कर दिया है।
बैंक ने बताया कि Q4 FY26 में उसका शुद्ध लाभ बढ़कर ₹5,225 करोड़ तक पहुंच गया, जिसे बेहतर रिकवरी और फंसे हुए कर्जों (NPAs) में सुधार का समर्थन मिला। इसी के साथ बैंक ने ₹3 प्रति शेयर यानी 150 प्रतिशत का डिविडेंड घोषित किया, जिसने शुरुआती कारोबारी सत्र में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और शेयर में करीब 4 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली।
लेकिन यह तेजी अधिक समय तक टिक नहीं पाई और बाद में बाजार में बिकवाली हावी हो गई। सत्र के अंत में PNB का शेयर ₹109.11 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद ₹110.18 की तुलना में लगभग 0.97 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। दिन के दौरान शेयर ने ₹111.00 का उच्च स्तर और ₹109.00 का निचला स्तर छुआ, जबकि इसका वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) ₹109.47 दर्ज किया गया।
साप्ताहिक आधार पर भी शेयर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा। 30 अप्रैल को लगभग ₹109.50 पर खुलने के बाद शेयर सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। 4 मई तक यह लगभग ₹108.95 पर बंद हुआ, जबकि 5 मई को यह ₹108.00 के साप्ताहिक निचले स्तर तक गिर गया। इसके बाद 6 मई को इसमें तेज उछाल आया और यह लगभग ₹110.30 तक पहुंच गया, लेकिन अगले ही दिन यह लाभ बनाए रखने में असफल रहा।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, मजबूत मुनाफे के बावजूद शेयर पर दबाव का मुख्य कारण बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) में 3.5 प्रतिशत की गिरावट है, जो घटकर ₹10,380 करोड़ रह गई। इसके साथ ही घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन भी 30 आधार अंक घटकर 2.61 प्रतिशत पर आ गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 2.96 प्रतिशत था। इसी वजह से कुछ ब्रोकरेज हाउसों ने बैंक के टारगेट प्राइस में कटौती की है।
हालांकि परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। बैंक का ग्रॉस एनपीए घटकर 2.95 प्रतिशत और नेट एनपीए 0.29 प्रतिशत पर आ गया है, जो पिछली तिमाही की तुलना में बेहतर संकेत है। प्रावधान भी तिमाही आधार पर घटकर ₹424 करोड़ रह गए हैं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में मामूली अधिक हैं।
व्यवसायिक प्रदर्शन की बात करें तो बैंक के कुल टर्म डिपॉजिट में 10.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹11.01 लाख करोड़ तक पहुंच गया। वहीं रिटेल क्रेडिट में 8.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह ₹2.81 लाख करोड़ रहा, जो बैंक के स्थिर व्यवसाय विस्तार को दर्शाता है। डिजिटल सुरक्षा और साइबर जोखिमों को देखते हुए बैंक ने अपने साइबर सुरक्षा बजट में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि करने का भी निर्णय लिया है, ताकि बढ़ते AI आधारित खतरों और डिजिटल फ्रॉड से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
